सादिक अली, पचमढ़ी: सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी में लंबे समय से लंबित अतिक्रमण की समस्या को सुलझाने के लिए प्रशासन ने अब कमर कस ली है। शनिवार को पचमढ़ी के साडा कार्यालय में एसडीएम पिपरिया आकिब खान की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में पचमढ़ी के साडा क्षेत्र, छावनी परिषद (कैंट) क्षेत्र और डीओ क्षेत्र में फैले अतिक्रमणों को हटाने और विस्थापन की प्रक्रिया पर गंभीर मंथन किया गया।
बैठक के मुख्य बिंदु
एसडीएम आकिब खान ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को तलब कर वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बातें सामने आयीं।
संयुक्त कमेटी का गठन: एक विशेष कमेटी बनाई जाए जो पचमढ़ी के शेष बचे अतिक्रमणों का सूक्ष्म सर्वे करेगी।
डाटा रिपोर्ट तैयार करना: कमेटी यह रिपोर्ट तैयार करेगी कि किन अतिक्रमणकारियों का विस्थापन (Rehabilitation) पहले ही तय हो चुका है और किनकी प्रक्रिया अभी शेष है।
समय सीमा का निर्धारण: यदि सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार और समय पर पूरी हो जाती हैं, तो कमेटी अतिक्रमण हटाने की अंतिम तिथि (ध्वस्तीकरण अभियान) भी तय करेगी।
इस बैठक में तहसीलदार वैभव बैरागी, कैंट अधिशासी अधिकारी राहुल गजभिए, वन विभाग के एडिशनल डायरेक्टर संजीव शर्मा, पिडब्लूड़ी एसडीओ, थाना प्रभारी पदम सिंह मौर्य सहित अन्य विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
समय-समय पर यह बड़ी कार्रवाइयां
2008-09 उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पचमढ़ी के मुख्य बाजार और साडा क्षेत्र से सैकड़ों अवैध निर्माण हटाए गए थे। 2016-17 इस दौरान वन विभाग और प्रशासन ने संयुक्त रूप से देव क्षेत्र और संरक्षित वन भूमि पर बने अवैध होटलों और ढाबों पर बड़ी कार्रवाई की थी। 2021 पचमढ़ी में मास्टर प्लान के उल्लंघन और कैंट क्षेत्र की भूमि पर काबिज अवैध झुग्गी-बस्तियों को हटाने का नोटिस जारी किया गया था। 2023 पर्यटन सीजन के दौरान यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए फुटपाथों और सड़कों के किनारे से अस्थाई अतिक्रमण साफ किए गए थे।
विस्थापन सबसे बड़ी चुनौती
पचमढ़ी में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया अक्सर 'विस्थापन' के कारण रुक जाती है। कई परिवार दशकों से यहाँ काबिज हैं। प्रशासन की प्राथमिकता है कि जिनका विस्थापन तय हो चुका है, उन्हें पहले शिफ्ट किया जाए ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
क्या कहते है तहसीलदार
तहसीलदार वैभव बैरागी का कहना है कि हम सभी विभागों के साथ समन्वय कर एक स्पष्ट डाटा तैयार कर रहे हैं। नियम अनुसार विस्थापन की प्रक्रिया पूरी होते ही शेष अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। हमारा उद्देश्य पचमढ़ी के प्राकृतिक स्वरूप को बचाना और नियमानुसार विकास करना है।