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Nagda News: पेट्रोल और डीजल के बढ़े दाम का असर, महंगा हुआ घरेलू सामान 

Nagda News: पेट्रोल और डीजल के बढ़े दाम का असर, महंगा हुआ घरेलू सामान 

Nagda News: वैश्विक बाजार और घरेलू टैक्स के चलते पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार हो रहा इजाफा अब सीधे तौर पर आम जनता के लिए जी का जंजाल बन चुका है। नागदा अंचल सहित पूरे मालवा क्षेत्र में पेट्रोल और डीजल के दामों में आई इस अचानक तेजी का सीधा असर मालभाड़े पर पड़ा है, जिससे बाजार में रोजमर्रा के उपयोग वाली घरेलू और खाद्य सामग्रियों के दाम आसमान छूने लगे हैं, बल्कि परिवहन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों के भी पसीने छूट रहे हैं।

8 दिनों में 4 झटके

क्षेत्र के एक प्रमुख पेट्रोल पंप संचालक ने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बाजार के इस अंदरूनी गणित का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सरकार और तेल कंपनियों द्वारा पिछले महज 8 दिनों के अंदर पेट्रोल-डीजल पर लगभग 8 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। जनता के भारी विरोध से बचने के लिए तेल कंपनियों ने यह वृद्धि एकमुश्त न करते हुए, पिछले एक हफ्ते में 4 अलग-अलग किस्तों में टुकड़ों-टुकड़ों में की है।

आज के कितने दाम?

इस बढ़ोतरी का नतीजा यह हुआ है कि नागदा के रिटेल काउंटरों पर वर्तमान में पेट्रोल 115.03 रूपए प्रति लीटर के ऐतिहासिक स्तर पर और डीजल 100.11 रूपए प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है।

ईंधन संकट से चमका EV बाजार

ईंधन की इन बेलगाम कीमतों ने देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर के ट्रेंड को भी पूरी तरह बदल दिया है। नागदा के स्थानीय वाहन डीलरों की मानें तो पारंपरिक पेट्रोल और डीजल से चलने वाली दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अब आम नागरिक और युवा वर्ग तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV/इलेक्ट्रिक वाहन) की ओर रुख कर रहे हैं, ताकि हर महीने पेट्रोल पर होने वाले भारी-भरकम खर्च से परमानेंट निजात मिल सके।

किराना बाजार में 2 से 15 रूपए तक की तेजी

पेट्रोलियम पदार्थों की इस महंगाई ने सबसे बड़ा हमला देश की गृहणियों के 'रसोई बजट' पर किया है। नागदा के थोक व चिल्हर किराना बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, मालभाड़ा बढ़ने के कारण रसोई घर में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक सामग्रियों की कीमतों में 2 रुपये से लेकर 15 रुपये तक का सीधा उछाल आया है।

गरम मसाले हुए महंगे

खाद्य तेल, गरम मसाला, खड़ा धनिया, सूखी लाल मिर्च, दालें और पैकेट बंद अन्य दैनिक किराना सामग्रियों के दाम पूरी तरह बढ़ चुके हैं। हालांकि, स्थानीय किराना व्यापारियों का कहना है कि कीमतों में वृद्धि तो हो गई है, लेकिन अभी आम उपभोक्ताओं को इन बढ़े हुए दामों का सटीक अंदाजा नहीं है, इसलिए फिलहाल बाजार में सामान्य दिनों की तरह ही खरीदी चल रही है।

मप्र में चक्का जाम की तैयारी! 

ईंधन की कीमतों में लगी इस आग की आंच अब परिवहन क्षेत्र तक पहुंच गई है। डीजल के दाम 100 रुपये के पार निकलते ही मप्र के बस संचालक एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बस ऑपरेटरों का तर्क है कि महंगे डीजल के कारण अब पुरानी दरों पर बसें चलाना पूरी तरह घाटे का सौदा साबित हो रहा है। बस संचालकों ने सरकार से यात्री किराये में वृद्धि करने की मांग की है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के मुताबिक, टैक्स माफी और किराया वृद्धि मांगों को लेकर पहले भी प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन शासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसी के विरोध में अब राज्य स्तर पर बड़ी बैठकें आयोजित की जा रही हैं। यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो आगामी दिनों में प्रदेश भर में बसों के पहिए थम सकते हैं और जनता को अनिश्चितकालीन हड़ताल का सामना करना पड़ सकता है।


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