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जर्जर स्कूल भवन का खतरा, 3 बार गिरा छत का प्लास्टर; 4 छात्राएं घायल

जर्जर स्कूल भवन का खतरा, 3 बार गिरा छत का प्लास्टर; 4 छात्राएं घायल

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति ने विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिंघारी हायर सेकेंडरी स्कूल का भवन करीब 20 साल पुराना है और लंबे समय से जर्जर हालत में बताया जा रहा है। स्कूल की छत से प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अब तक तीन बार छत का प्लास्टर गिरने से चार छात्राओं के घायल होने की जानकारी है।

बारिश के मौसम में स्कूल की परेशानी और बढ़ जाती है। छत से पानी टपकने के कारण विद्यार्थियों को कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करने में दिक्कत होती है। स्कूल भवन की स्थिति को देखते हुए अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

तीन बार गिर चुका है छत का प्लास्टर

सिंघारी हायर सेकेंडरी स्कूल में छत का प्लास्टर गिरने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। बताया गया है कि अब तक तीन बार छत का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर चुका है। इन घटनाओं में चार छात्राओं के घायल होने की बात सामने आई है। गनीमत रही कि अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालांकि, बार-बार प्लास्टर गिरने की घटनाओं ने स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।

बारिश में बढ़ जाती है परेशानी

स्कूल भवन की जर्जर छत बारिश के दौरान विद्यार्थियों के लिए परेशानी का कारण बन जाती है। पानी टपकने से कक्षाओं में पढ़ाई प्रभावित होती है। वहीं, स्कूल का शौचालय भी खराब स्थिति में बताया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों, खासकर छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में स्थायी समाधान की जरूरत है। उनका सवाल है कि अगर पहले ही छत का प्लास्टर गिरने से छात्राएं घायल हो चुकी हैं, तो किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों किया जा रहा है?

नए भवन का प्रस्ताव, लेकिन स्वीकृति का इंतजार

स्कूल प्रबंधन की ओर से जर्जर भवन की स्थिति को लेकर नए भवन के निर्माण का प्रस्ताव शासन-प्रशासन को भेजे जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, अभी तक नए भवन के निर्माण को स्वीकृति नहीं मिली है।स्कूल का भवन करीब दो दशक पुराना बताया जा रहा है। सिंघारी के अलावा आसपास के कई गांवों के बच्चे भी इसी स्कूल में पढ़ने आते हैं। सेंटर जोन में स्थित होने के कारण यहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

DEO ने दिए दो पालियों में स्कूल संचालित करने के निर्देश

मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी फेरुराम वर्मा ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष स्कूल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान स्कूल के दो कमरे जर्जर स्थिति में पाए गए थे। उनके मुताबिक, भवन निर्माण से संबंधित प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजा जा चुका है और स्वीकृति मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल को दो पालियों में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि, जर्जर भवन और पहले हो चुकी घटनाओं के बीच अभिभावक केवल दो पालियों में संचालन को पर्याप्त नहीं मान रहे हैं। उनकी मांग है कि जर्जर हिस्से की तत्काल मरम्मत कराई जाए या नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई का अवसर मिल सके।


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