छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। बारना गांव के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने स्कूल के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने विद्यालय में तालाबंदी कर दी और धरने पर बैठ गए।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। कई महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से बच्चों की शिक्षा पर सीधा असर पड़ रहा है।
स्कूल के बाहर धरना, छात्रों ने की नारेबाजी
शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर ग्रामीण और छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया और नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने गीतों के जरिए भी अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई से जुड़े मुद्दे पर कई बार ध्यान दिलाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद तालाबंदी जैसा कदम उठाना पड़ा।
हिंदी से लेकर रसायन तक शिक्षकों की कमी
स्कूल प्रबंधन समिति और ग्रामीणों के मुताबिक, विद्यालय में कई अहम विषयों के शिक्षक नहीं हैं। इनमें हिंदी, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान, रसायन और भूगोल जैसे विषय शामिल बताए गए हैं।
इन विषयों में नियमित पढ़ाई प्रभावित होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर उच्चतर माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी को ग्रामीण गंभीर समस्या बता रहे हैं।
बच्चों की पढ़ाई को लेकर बढ़ी चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में शिक्षक पर्याप्त नहीं होने का असर सीधे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। उनका तर्क है कि यदि समय रहते रिक्त पदों को नहीं भरा गया तो विद्यार्थियों की शैक्षणिक तैयारी और परीक्षा परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
स्कूल प्रबंधन समिति ने भी शिक्षकों की कमी को दूर करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शासन की जिम्मेदारी है।
जल्द नियुक्ति नहीं हुई तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन समिति ने प्रशासन से विद्यालय में खाली पदों पर जल्द शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि यह मामला केवल स्कूल की व्यवस्था का नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
ग्रामीणों के मुताबिक, यदि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जा सकता है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस प्रदर्शन के बाद शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।