छत्तीसगढ़ सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रमेश शर्मा को सहकारिता विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक (रजिस्ट्रार) सहकारी समितियां नियुक्त किया है। यह पद पिछले माह महादेव कांवड़े के सेवानिवृत्त होने के बाद से रिक्त था। सरकार के इस फैसले को सहकारिता विभाग में प्रशासनिक स्थिरता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
महादेव कांवड़े के रिटायरमेंट के बाद खाली था पद
सहकारिता आयुक्त और रजिस्ट्रार का पद 31 मई को महादेव कांवड़े के सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हो गया था। दिलचस्प बात यह है कि कांवड़े को रायपुर संभागायुक्त पद से हटाकर 6 मई को इस जिम्मेदारी पर नियुक्त किया गया था, लेकिन वे महज 25 दिनों तक ही इस पद पर कार्य कर सके। इससे पहले यह अतिरिक्त प्रभार राजभवन सचिव सी.आर. प्रसन्ना के पास था।
गृह विभाग से सहकारिता विभाग में भेजे गए रमेश शर्मा
रमेश शर्मा अब तक मंत्रालय में गृह विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत थे। राज्य सरकार ने उन्हें वहां से स्थानांतरित कर सहकारिता विभाग की कमान सौंप दी है। नए पद पर वे विभाग के प्रशासनिक प्रमुख होने के साथ-साथ सहकारी संस्थाओं के नियामक तंत्र का भी नेतृत्व करेंगे।
सहकारी संस्थाओं पर रहेगा सीधा नियंत्रण
रजिस्ट्रार सहकारी समितियां का पद सहकारिता व्यवस्था में बेहद अहम माना जाता है। राज्य के शीर्ष सहकारी बैंक, जिला सहकारी बैंक और विभिन्न प्राथमिक सहकारी समितियों के संचालन एवं नियमन की जिम्मेदारी इसी कार्यालय के अधीन होती है। शिकायतों और अनियमितताओं की स्थिति में रजिस्ट्रार को जांच कराने तथा आवश्यक कार्रवाई करने के व्यापक अधिकार प्राप्त होते हैं।
एक महीने बाद हुआ IAS स्तर पर बदलाव
राज्य में 6 मई को बड़े प्रशासनिक फेरबदल के दौरान कई जिलों के कलेक्टरों सहित 42 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए थे। उसके बाद यह आईएएस अधिकारियों के स्तर पर पहला बड़ा बदलाव माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में कुछ और तबादला आदेश भी जारी हो सकते हैं।
जल्द हो सकते हैं और बदलाव
कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर के प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर जाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर नई नियुक्तियों और फेरबदल की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। ऐसे में राज्य सरकार की अगली प्रशासनिक सूची पर भी सबकी नजर बनी हुई है।