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पीएम आवास योजना की पात्रता सूची पर विवाद, सैकड़ों शिकायतों के बाद दोबारा जांच की मांग तेज

पीएम आवास योजना की पात्रता सूची पर विवाद, सैकड़ों शिकायतों के बाद दोबारा जांच की मांग तेज

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत धमतरी जिले में जारी पात्रता सूची को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आवास प्लस 2.0 सर्वे के बाद प्रकाशित सूची पर कई ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई है। लोगों का आरोप है कि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए, जबकि कई अपात्र लोगों को योजना का लाभ देने के लिए सूची में शामिल कर लिया गया है।

एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम शामिल होने का आरोप

24 जून को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में 370 ग्राम पंचायतों में पात्र हितग्राहियों की सूची पढ़कर सुनाई गई। इस दौरान कई गांवों में ग्रामीणों ने दावा किया कि कुछ परिवारों ने अलग-अलग राशन कार्ड और दस्तावेजों के आधार पर खुद को अलग परिवार दर्शाकर आवास योजना का लाभ लेने की कोशिश की है। वहीं कुछ मामलों में पति-पत्नी दोनों के नाम अलग-अलग पात्र हितग्राही के रूप में दर्ज होने की भी शिकायत सामने आई है।

11 हजार से अधिक आवेदन सूची से बाहर

आवास प्लस 2.0 सर्वे के दौरान जिले में 84,439 लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से 73,138 आवेदकों के नाम पात्रता सूची में शामिल किए गए, जबकि 11,301 आवेदकों के नाम सूची से गायब होने पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई ऐसे परिवारों को बाहर कर दिया गया है, जो आज भी कच्चे या जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं।

एआई आधारित सर्वे पर भी उठे सवाल

अधिकारियों के मुताबिक सर्वे पूरी तरह मोबाइल एप और एआई आधारित प्रक्रिया से किया गया था। यदि सर्वे के दौरान पक्के मकान या पक्की दीवार की तस्वीर अपलोड हुई, तो सिस्टम ने संबंधित हितग्राही को स्वतः अपात्र की श्रेणी में डाल दिया। हालांकि बाद में कुछ स्थानों पर दोबारा सत्यापन भी कराया गया। ग्राम पंचायत पूरी में करीब 40 परिवारों के नाम अंतिम सूची से हटने को लेकर भी ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है।

कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण, सौंपा ज्ञापन

पात्रता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मंगलवार को जिले की 50 से अधिक ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। लोहरसी, सांकरा, पूरी, संबलपुर, सेहराडबरी, भेंडरी, देवरी, परेवाडीह, बिरेझर, भोथली, कंडेल, धौराभाठा और रावनगुड़ा समेत कई गांवों के लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोबारा भौतिक सत्यापन कराने की मांग की। शिकायतों की संख्या अधिक होने पर प्रशासन ने पीएम आवास योजना से संबंधित शिकायतों के लिए अलग काउंटर भी बनाया, जहां एक ही दिन में 500 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए।

ग्रामीणों ने रखीं प्रमुख मांगें

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी आवेदनों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन कराया जाए, अपात्र लोगों के नाम सूची से हटाए जाएं, पहले से योजना का लाभ ले चुके परिवारों की जांच हो और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अब सभी की नजर प्रशासन की जांच और अंतिम पात्रता सूची पर टिकी हुई है।


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