छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने नियमों का पालन नहीं करने वाले बस संचालकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 38 बसों के स्थायी परमिट रद्द कर दिए हैं। इस संबंध में परिवहन सचिव आईएएस एस. प्रकाश ने बुधवार को आदेश जारी किया। अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने भी इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
5 साल बाद भी नहीं कराया गया परमिट का नवीनीकरण
विभागीय जानकारी के अनुसार, जिन बसों के परमिट रद्द किए गए हैं, उनका पांच वर्ष की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी नवीनीकरण नहीं कराया गया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ परमिटधारी बिना रिन्यूअल के वाहन संचालित कर रहे थे, जबकि कुछ मामलों में परमिट लेने के बावजूद बसों का संचालन ही नहीं किया गया।
दावा-आपत्ति का अवसर देने के बाद हुई कार्रवाई
परिवहन विभाग ने कार्रवाई से पहले संबंधित परमिटधारियों को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर दिया था। हालांकि तय समय सीमा के भीतर किसी भी संचालक ने विभाग के समक्ष अपना पक्ष नहीं रखा। इसके बाद विभाग ने नियमानुसार 38 परमिट निरस्त करने का निर्णय लिया।
आगे भी जारी रहेगी सख्ती
विभाग ने स्पष्ट किया है कि परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नियमबद्ध बनाना और परमिट प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।