होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 4 रेल परियोजनाओं और बिहार फोरलेन हाईवे को मंजूरी, ₹13,041 करोड़ का खर्च

मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 4 रेल परियोजनाओं और बिहार फोरलेन हाईवे को मंजूरी, ₹13,041 करोड़ का खर्च

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार, 19 अगस्त 2026 को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद बताया कि सरकार ने चार रेलवे परियोजनाओं और एक फोर-लेन हाईवे प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं पर कुल करीब 13,041 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

कैबिनेट से मंजूर परियोजनाओं का असर बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के परिवहन नेटवर्क पर पड़ने की उम्मीद है। सरकार का फोकस रेलवे की क्षमता बढ़ाने, माल ढुलाई को तेज करने और प्रमुख रूट पर ट्रेनों की आवाजाही को सुगम बनाने पर है।

बिहार में 3,591 करोड़ का फोरलेन हाईवे

कैबिनेट ने बिहार के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनवर्षा मार्ग को फोर-लेन हाईवे में विकसित करने की मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 3,591 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

फोरलेन बनने के बाद इस रूट पर सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

हावड़ा-चेन्नई रेल कॉरिडोर पर सरकार का फोकस

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश के प्रमुख ट्रंक रेलवे रूट में हावड़ा-चेन्नई कॉरिडोर का विशेष महत्व है। इस रूट पर यात्री और मालगाड़ियों का भारी दबाव रहता है।

सरकार इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर को चरणबद्ध तरीके से चार लाइन वाले यानी क्वाड्रुपल रेल नेटवर्क में बदलने की दिशा में काम कर रही है। इससे भविष्य में इस मार्ग पर अतिरिक्त ट्रेनों को चलाने की क्षमता बढ़ेगी।

खड़गपुर-भद्रक के बीच बनेगा चार लाइन कॉरिडोर

कैबिनेट के फैसलों में खड़गपुर-भद्रक रेल सेक्शन भी शामिल है। करीब 173 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को चार लाइन वाले कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।

यह रेल खंड बालासोर और रूपसा के रास्ते भद्रक तक जाता है। इस रूट से कोयला और लौह अयस्क वाले क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में माल की ढुलाई होती है। साथ ही हावड़ा और चेन्नई के बीच चलने वाली कई यात्री ट्रेनों की आवाजाही भी इसी मार्ग से होती है।

इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3,352 करोड़ रुपये है। निर्माण के दौरान 41 बड़े और 169 छोटे पुल बनाए जाने की योजना है।

भद्रक-हरिदासपुर रेल सेक्शन पर चौथी लाइन

कैबिनेट ने भद्रक से हरिदासपुर के बीच 75 किलोमीटर लंबी रेल लाइन से जुड़ी परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस सेक्शन पर तीसरी लाइन का काम पहले से चल रहा है। अब यहां चौथी लाइन विकसित की जाएगी।

करीब 1,533 करोड़ रुपये की इस परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य कटक क्षेत्र में रेल यातायात के दबाव को कम करना है। इसके लिए रेल-ओवर-रेल और रेल फ्लाईओवर जैसी विशेष संरचनाओं को विकसित किया जाएगा।

लॉजिस्टिक्स लागत में हो सकती है बड़ी बचत

सरकार के अनुसार भद्रक-हरिदासपुर परियोजना के पूरा होने के बाद देश को हर साल करीब 433 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक्स लागत बचाने में मदद मिल सकती है।

रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ने से मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी और परिवहन में लगने वाला समय भी कम हो सकता है। इसके साथ ही निर्माण गतिविधियों से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।

ज्यादा ट्रेनें, बेहतर माल ढुलाई

केंद्रीय मंत्री के अनुसार नई रेल परियोजनाओं से प्रमुख रेलवे रूट की क्षमता बढ़ेगी। अतिरिक्त लाइन उपलब्ध होने से यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के संचालन को अलग-अलग तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा ट्रैक के रखरखाव के दौरान भी ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होने की संभावना कम होगी। सरकार इन परियोजनाओं को देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।


संबंधित समाचार