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कांकेर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता: जंगल से 9 IED बरामद

कांकेर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता: जंगल से 9 IED बरामद

छत्तीसगढ़ के Kanker जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। लगातार चल रहे ऑपरेशन के बीच जवानों ने जंगलों में छिपाकर रखे गए विस्फोटकों को खोज निकाला, जिससे एक बड़ी घटना टल गई।

हालांकि क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा चुका है, लेकिन घने जंगलों में छिपाए गए IED अब भी खतरा बने हुए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षाबलों द्वारा लगातार सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है।

दुर्गम इलाके में मिले संदिग्ध विस्फोटक

जानकारी के अनुसार, Amabeda और Tadoki थाना क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेधौसा, मानकोट, उपरकोटगांव और जिक्लामारी के बीच स्थित घने जंगल-पहाड़ी इलाके में सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान जवानों की नजर कुछ संदिग्ध वस्तुओं पर पड़ी। जब उनकी जांच की गई तो वहां से कुल 9 आईईडी बरामद किए गए।

कुकर और पाइप IED बरामद

सुरक्षाबलों द्वारा बरामद किए गए विस्फोटकों में 7 कुकर आईईडी और 2 पाइप आईईडी शामिल हैं। ये विस्फोटक बेहद खतरनाक होते हैं और थोड़ी सी चूक भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने इन IED को रणनीतिक रूप से ऐसे स्थानों पर छिपाकर रखा था, जहां से सुरक्षाबलों की आवाजाही होती रहती है।

नक्सलियों की साजिश नाकाम

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इन विस्फोटकों को सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने और इलाके में दहशत फैलाने के उद्देश्य से लगाया गया था। लेकिन जवानों की सतर्कता और समय पर कार्रवाई के कारण नक्सलियों की यह साजिश नाकाम हो गई। इससे एक संभावित बड़ी घटना टल गई।

बम निरोधक दस्ते ने किया निष्क्रिय

बरामद किए गए सभी IED को मौके पर ही बम निरोधक दस्ते की मदद से सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान पूरी सावधानी बरती गई, ताकि किसी भी तरह का नुकसान न हो। सुरक्षाबलों की इस सतर्कता से आसपास के ग्रामीणों को भी राहत मिली है।

लगातार जारी है सर्चिंग अभियान

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि क्षेत्र में सर्चिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। जंगलों में छिपे ऐसे विस्फोटकों को ढूंढकर निष्क्रिय करना प्राथमिकता है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। नक्सल प्रभावित इलाकों में इस तरह की कार्रवाई से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि आम लोगों में भी विश्वास बढ़ता है।

 


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