रायपुर/गरियाबंद। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए, और इसकी पूरी जवाबदेही संबंधित जिलों के कलेक्टरों की होगी। कृषि विभाग के अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करें। विशेष रूप से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग और लाभों की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाए, ताकि खेती में उत्पादन और दक्षता दोनों बढ़ सके।
किसानों के लिए जागरूकता अभियान
सीएम साय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को अपनाना समय की जरूरत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खाद वितरण में किसी प्रकार की कालाबाजारी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसलिए अधिकारियों को गांव स्तर पर अभियान चलाकर किसानों को नई तकनीकों के प्रति प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पेयजल समस्या पर बड़ा फैसला
बैठक के दौरान गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताजनता की मूलभूत जरूरतों को पूरा करना है।
विकास योजनाओं की व्यापक समीक्षा
गरियाबंद में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में रायपुर संभाग के जिलों गरियाबंद, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद और रायपुर के कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
स्वास्थ्य और योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे और सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसानों को खाद-बीज की कमी नहीं होने दी जाएगी और सभी विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा।