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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के बीच भारत की बड़ी राहत: LPG टैंकर ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ सुरक्षित निकले, जल्द पहुंचेंगे गुजरात...

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के बीच भारत की बड़ी राहत: LPG टैंकर ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ सुरक्षित निकले, जल्द पहुंचेंगे गुजरात...

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किए जाने के बावजूद भारत के दो एलपीजी टैंकर ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ सुरक्षित रूप से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को पार कर भारत की ओर रवाना हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि दोनों जहाज करीब 92,712 टन एलपीजी लेकर भारत आ रहे हैं और अगले दो दिनों में गुजरात के बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है।

हमले के बीच सुरक्षित रवाना हुआ ‘जग लाड़की’ टैंकर:

भारत सरकार के अनुसार 14 मार्च 2026 को भारतीय ध्वज वाला कच्चे तेल का टैंकर ‘जग लाड़की’ संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह पोर्ट पर कच्चा तेल लोड कर रहा था। उसी दौरान तेल टर्मिनल पर हमला हुआ, जिससे हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। इसके बावजूद जहाज ने करीब 80,800 टन मुरबन क्रूड ऑयल के साथ रविवार सुबह 10:30 बजे (भारतीय समय) सुरक्षित रवाना होकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर लिया।

भारत आ रहे दो बड़े LPG टैंकर:

तनावपूर्ण हालात के बीच भारतीय ध्वज वाले दो बड़े एलपीजी टैंकर भी सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बाहर निकलने में सफल रहे। ‘शिवालिक’ टैंकर 16 मार्च को मुंद्रा पोर्ट (गुजरात) पहुंच सकता है। ‘नंदा देवी’ टैंकर 17 मार्च को कांडला पोर्ट पर पहुंचने की संभावना है। ये दोनों जहाज उन 24 पोतों में शामिल थे, जो मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए थे।

भारत के लिए क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज:

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है। यहां से होकर वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की बड़ी मात्रा में सप्लाई होती है। भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है, भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल आयात करता है, 50% प्राकृतिक गैस आयात पर निर्भर है। करीब 60% एलपीजी विदेशों से आती है अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों से पहले भारत के कुल तेल आयात का लगभग 50% हिस्सा और एलपीजी आयात का 85-90% सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से आता था।

अमेरिका ने नाटो से मांगी मदद:

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सहयोगी देशों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने में सहयोग करने की अपील की है। हालांकि इस संकट के बीच भारत और ईरान के बेहतर कूटनीतिक संबंधों के कारण भारतीय जहाजों को अपेक्षाकृत राहत मिली है और वे सुरक्षित मार्ग से गुजरने में सफल रहे हैं।मिडिल ईस्ट में युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के बीच भारत के लिए ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ टैंकरों का सुरक्षित निकलना ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बड़ी राहत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इन जहाजों के भारत पहुंचने से एलपीजी सप्लाई पर संभावित असर भी कम होगा।


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