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कोंडागांव में मंत्री केदार कश्यप का बड़ा दावा- 2030 तक बस्तर बनेगा विकसित संभाग, मक्का प्लांट पर बताई डेडलाइन

कोंडागांव में मंत्री केदार कश्यप का बड़ा दावा- 2030 तक बस्तर बनेगा विकसित संभाग, मक्का प्लांट पर बताई डेडलाइन

कोंडागांव। कोंडागांव में आयोजित ‘जिला संवाद-2026’ कार्यक्रम में बस्तर के विकास को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने अपनी-अपनी प्राथमिकताएं और दावे सामने रखे। कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक बस्तर संभाग को विकसित संभाग के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने बस्तर में सड़क, आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, कृषि और पर्यटन को विकास की दिशा में अहम क्षेत्र बताया। कार्यक्रम के दौरान हरिभूमि-आईएनएच के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने वन मंत्री केदार कश्यप से कोंडागांव और बस्तर से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सवाल किए। बातचीत में कोंडागांव के लंबे समय से चर्चा में रहे मक्का प्रोसेसिंग प्लांट, बस्तर के विकास की समयसीमा और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की योजनाओं को लेकर भी सवाल-जवाब हुए।

नवंबर-दिसंबर तक शुरू होगा कोंडागांव का मक्का प्लांट

कोंडागांव के मक्का प्रोसेसिंग प्लांट को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री केदार कश्यप ने स्पष्ट किया कि प्लांट को नवंबर-दिसंबर तक शुरू करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि परियोजना के संचालन से मक्का उत्पादक किसानों को अपनी फसल के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार मिलने की उम्मीद है। मंत्री के मुताबिक, प्लांट शुरू होने से कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है और किसानों को अपनी उपज के विपणन के लिए दूसरे क्षेत्रों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। सरकार की ओर से परियोजना से जुड़ी बाधाओं को दूर करने पर काम किया जा रहा है।

2030 तक बस्तर को विकसित संभाग बनाने की तैयारी

केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर के विकास को लेकर सरकार ने दीर्घकालिक लक्ष्य तय किया है। 2030 तक बस्तर को विकसित संभाग के रूप में आगे ले जाने के लिए अलग-अलग जिलों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखकर विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। सरकार की मंशा है कि बस्तर आने वाले वर्षों में विकास के नए मॉडल के तौर पर अपनी पहचान बनाए।

कांग्रेस की योजनाओं पर केदार कश्यप का राजनीतिक हमला

जिला संवाद में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की योजनाओं को लेकर भी मंत्री केदार कश्यप ने निशाना साधा। उन्होंने गोबर खरीदी योजना का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के कार्यकाल पर राजनीतिक कटाक्ष किया और योजना को लेकर अपने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के सामने पिछली सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके वास्तविक लाभ को लेकर कई सवाल रहे हैं। कार्यक्रम में यह मुद्दा भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बना।

डीएमएफ फंड को लेकर भी उठा सियासी मुद्दा

जिला खनिज न्यास (DMF) फंड को लेकर भी केदार कश्यप ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के कार्यकाल और डीएमएफ फंड से जुड़े सवालों का संदर्भ देते हुए भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली को बेहतर बताया। मंत्री के बयान के बाद डीएमएफ फंड का इस्तेमाल और उसकी पारदर्शिता भी कार्यक्रम में चर्चा का अहम विषय रहा।

लता उसेंडी बोलीं- जिन कामों को पूरा कर सकें, उन्हीं का भूमिपूजन

कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने जिले में विकास कार्यों, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब ऐसे ही विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर है, जिन्हें तय समयसीमा में पूरा कर जनता को सौंपा जा सके। उन्होंने कहा कि केवल घोषणा या भूमिपूजन तक विकास कार्य सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि योजनाओं का समय पर पूरा होना जरूरी है। इसी सोच के तहत उन्हीं परियोजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई, जिन्हें पूरा कर जनता को समर्पित किया जा सके।

कोंडागांव में ट्राइबल म्यूजियम से मिलेगी सांस्कृतिक पहचान

लता उसेंडी ने बताया कि कोंडागांव में ट्राइबल म्यूजियम के निर्माण की दिशा में काम किया जा रहा है। प्रस्तावित संग्रहालय के माध्यम से बस्तर की आदिवासी संस्कृति, परंपराओं, कला और विरासत को प्रदर्शित करने की योजना है। विधायक के मुताबिक, कोंडागांव और बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने में यह परियोजना अहम भूमिका निभा सकती है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पर्यटन विकास पर भी फोकस

कोंडागांव में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। विधायक लता उसेंडी ने जिले की एक पहाड़ी के सौंदर्यीकरण की योजना का भी उल्लेख किया। स्थानीय पर्यटन स्थलों के विकास से पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के साथ रोजगार और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।

मोहन मरकाम का भाजपा सरकार पर पलटवार

कार्यक्रम में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शराबबंदी, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और चुनावी वादों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। मरकाम ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले पूर्ण शराबबंदी का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद शराब की बिक्री को लेकर स्थिति अलग दिखाई दे रही है। उन्होंने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने की जिम्मेदारी सरकार की है और जनता इन मुद्दों पर जवाब चाहती है।

एक मंच पर नजर आए सत्ता और विपक्ष के नेता

‘जिला संवाद-2026’ की खासियत यह रही कि कार्यक्रम में सत्ता पक्ष और विपक्ष से जुड़े कई प्रमुख जनप्रतिनिधि एक ही मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम और कांग्रेस के पूर्व मंत्री मोहन मरकाम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बस्तर के विकास, कोंडागांव की स्थानीय परियोजनाओं, किसानों, पर्यटन, सांस्कृतिक पहचान और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई।

 


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