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छत्तीसगढ़ में 25 मार्च से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स, देशभर के आदिवासी खिलाड़ी दिखाएंगे दम

छत्तीसगढ़ में 25 मार्च से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स, देशभर के आदिवासी खिलाड़ी दिखाएंगे दम

देश में पहली बार Khelo India Tribal Games का आयोजन होने जा रहा है। यह प्रतियोगिता 25 मार्च से 6 अप्रैल 2026 के बीच Chhattisgarh के तीन शहरों— Raipur, Jagdalpur और Surguja में आयोजित की जाएगी। इस आयोजन की घोषणा केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री Mansukh Mandaviya ने की।

सात खेलों में होगी पदक स्पर्धाएं

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में देश के अलग-अलग आदिवासी इलाकों से आने वाले खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, तैराकी और कुश्ती जैसी सात खेल स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए Mallakhamb और Kabaddi को डेमो गेम्स के रूप में शामिल किया गया है।

आदिवासी प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच

केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य देश के आदिवासी युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि यह पहल Narendra Modi के विकसित भारत के विजन का हिस्सा है, जिसमें खेलों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया है।

‘मोरवीर’ होगा खेलों का प्रतीक

इस प्रतियोगिता का लोगो, थीम सॉन्ग और आधिकारिक मैस्कॉट ‘मोरवीर’ 23 दिसंबर को Bilaspur के B. R. Yadav Sports Stadium में लॉन्च किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और उपमुख्यमंत्री Arun Sao भी मौजूद रहे। ‘मोरवीर’ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और आदिवासी समाज के साहस का प्रतीक माना जा रहा है।

कई संस्थाओं के सहयोग से होगा आयोजन

Khelo India Tribal Games का आयोजन Ministry of Youth Affairs and Sports, Sports Authority of India, Indian Olympic Association, राष्ट्रीय खेल महासंघों और छत्तीसगढ़ राज्य आयोजन समिति के सहयोग से किया जाएगा। प्रतियोगिता के सभी आयोजन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार आयोजित किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक जिम्मेदारी

इस आयोजन की मेजबानी कर Chhattisgarh देश का पहला राज्य बन गया है। यह पहल आदिवासी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

 


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