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PM मोदी और डोनाल्ड टस्क की अहम बैठक, रक्षा से लेकर कारोबार तक सहयोग बढ़ाने पर जोर

PM मोदी और डोनाल्ड टस्क की अहम बैठक, रक्षा से लेकर कारोबार तक सहयोग बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली: भारत और पोलैंड के बीच राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के साथ रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब भारत और पोलैंड अपने आपसी आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा देना और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी का विस्तार करना इस यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।

रक्षा और टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड टस्क की बैठक में द्विपक्षीय संबंधों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों के बीच रक्षा क्षेत्र, आधुनिक तकनीक, अंतरिक्ष अनुसंधान और व्यापारिक सहयोग को व्यापक बनाने के अवसरों पर जोर रहा। बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और यूरोपीय देशों के बीच सहयोग का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पोलैंड के साथ संबंधों को मजबूत करना भारत की यूरोपीय साझेदारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि

भारत यात्रा के दौरान पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने गांधी जी की समाधि पर पुष्पांजलि देकर उन्हें नमन किया। इसके बाद टस्क ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की। उनकी यात्रा में राजनीतिक संवाद के साथ आर्थिक और व्यावसायिक सहयोग को आगे बढ़ाने से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल हैं।

एस. जयशंकर ने भी की पोलिश PM से मुलाकात

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी डोनाल्ड टस्क के साथ बैठक की। इस दौरान भारत और पोलैंड के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को अधिक व्यापक बनाने के मुद्दे सामने आए। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने विचार साझा करते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग को गहरा करने की दिशा में टस्क की सोच की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री के बीच होने वाली बातचीत से रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ने की उम्मीद भी जताई।

2010 के बाद पोलैंड के प्रधानमंत्री का पहला भारत दौरा

डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत पहुंचे टस्क के साथ पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की और कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी आया है। वर्ष 2010 के बाद किसी पोलिश प्रधानमंत्री की यह पहली भारत यात्रा है। अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोलैंड दौरे के दौरान दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। मौजूदा यात्रा को इसी साझेदारी को आगे बढ़ाने के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है। यात्रा के दौरान डोनाल्ड टस्क भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम में भी भाग लेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को उनके बेंगलुरु जाने का कार्यक्रम है, जहां सूचना प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बातचीत प्रस्तावित है।

भारत-पोलैंड व्यापार को 10 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य

भारत और पोलैंड के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाना प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। भारत में पोलैंड के पूर्व राजदूत एडम बुराकोव्स्की के मुताबिक, दोनों देश सालाना व्यापार को लगभग 6 अरब डॉलर से बढ़ाकर 10 अरब डॉलर तक ले जाने की दिशा में प्रयास करना चाहते हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने में भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इसके माध्यम से दोनों देशों के कारोबारी नए अवसर तलाश सकते हैं और निवेश तथा व्यापारिक साझेदारी को विस्तार दे सकते हैं। रक्षा और अंतरिक्ष तकनीक को भी सहयोग के अहम क्षेत्रों के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा, भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता भविष्य में आर्थिक संबंधों को और मजबूती देने में मददगार हो सकता है।

भारत-पोलैंड साझेदारी के लिए क्यों अहम है यह दौरा?

डोनाल्ड टस्क की भारत यात्रा दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद, आर्थिक सहयोग और तकनीकी साझेदारी को आगे बढ़ाने का अवसर है। रक्षा, अंतरिक्ष, सूचना प्रौद्योगिकी और व्यापार में सहयोग के नए रास्ते खुलने से दोनों देशों के संबंधों को दीर्घकालिक मजबूती मिल सकती है। अब इस दौरे के दौरान होने वाली कारोबारी बैठकों और आधिकारिक चर्चाओं पर नजर रहेगी, जिनसे भारत-पोलैंड साझेदारी के भविष्य की दिशा तय होने की उम्मीद है।


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