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12 लाख युवाओं को मिलेगी डिजिटल ट्रेनिंग, 10वीं पास भी कर सकते हैं तैयारी; जानें पूरी डिटेल

12 लाख युवाओं को मिलेगी डिजिटल ट्रेनिंग, 10वीं पास भी कर सकते हैं तैयारी; जानें पूरी डिटेल

Bihar Digital Mitra Yojana 2026: आज के दौर में अच्छी नौकरी पाने के लिए सिर्फ डिग्री होना ही काफी नहीं है। कंपनियां अब ऐसे युवाओं को प्राथमिकता दे रही हैं, जिन्हें कंप्यूटर, डिजिटल टूल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्युनिकेशन जैसी स्किल्स की जानकारी हो। युवाओं की इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार डिजिटल मित्र योजना के जरिए बड़े स्तर पर स्किल ट्रेनिंग देने की तैयारी कर रही है।

इस पहल के तहत अगले पांच वर्षों में राज्य के 12 लाख युवाओं को डिजिटल मित्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 2.67 लाख युवाओं को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी डिजिटल कौशल सिखाना और उन्हें नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।

Bihar Digital Mitra Yojana क्या है?

बिहार सरकार की डिजिटल मित्र पहल का उद्देश्य युवाओं को तकनीक और कंप्यूटर से जुड़े कामों में प्रशिक्षित करना है, ताकि वे बदलती रोजगार जरूरतों के अनुसार अपनी स्किल्स विकसित कर सकें। योजना के अंतर्गत सरकारी और निजी प्रशिक्षण संस्थानों की मदद से युवाओं को डिजिटल कार्यों की ट्रेनिंग दी जाएगी।

इस योजना के तहत इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों, डिग्री कॉलेजों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) और मॉडल स्कूलों जैसे संस्थानों को प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ने की योजना है।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री के स्वयं सहायता भत्ता कार्यक्रम से जुड़े कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) के तहत संचालित 871 निजी प्रशिक्षण केंद्रों को भी इसमें शामिल करने की बात कही गई है। शुरुआती व्यवस्था में संबंधित संचालकों के एक-एक केंद्र को शामिल किया जाएगा। निजी केंद्रों को KYP के पहले और दूसरे स्तर के केंद्रों की तर्ज पर मानदेय दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।

डिजिटल मित्र योजना में कौन-कौन सी स्किल्स सिखाई जाएंगी?

इस ट्रेनिंग में युवाओं को उन डिजिटल टूल्स और तकनीकी कौशलों की जानकारी दी जाएगी, जिनकी जरूरत आज ऑफिस, कंपनियों और अन्य कार्यक्षेत्रों में होती है।

प्रशिक्षण के प्रमुख विषय इस प्रकार हैं:

  • MS Office: Microsoft Word, Excel और PowerPoint का इस्तेमाल करना।
  • Google Workspace: ऑनलाइन दस्तावेज तैयार करना, स्प्रेडशीट पर काम करना और डिजिटल सहयोग के टूल्स का उपयोग करना।
  • AI टूल्स: ChatGPT और Microsoft Copilot जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स की मदद से काम करना।
  • अंग्रेजी टाइपिंग: कंप्यूटर पर अंग्रेजी में तेजी और सटीकता से टाइप करना।
  • कम्युनिकेशन स्किल्स: कार्यस्थल पर बेहतर संवाद, जानकारी साझा करने और पेशेवर तरीके से बातचीत करने की क्षमता विकसित करना।

इन स्किल्स के जरिए युवाओं को डिजिटल कार्यों की बुनियादी समझ देने और रोजगार के लिए उनकी तैयारी बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।

कितने महीने की होगी ट्रेनिंग? जानें पूरा शेड्यूल

बिहार डिजिटल मित्र योजना के तहत प्रशिक्षण की अवधि तीन महीने निर्धारित की गई है। इसके लिए कुल 270 घंटे का ट्रेनिंग कार्यक्रम रखा गया है।

इसका मतलब है कि युवाओं को सीमित अवधि में कंप्यूटर, ऑफिस सॉफ्टवेयर, AI टूल्स और कम्युनिकेशन से जुड़ी उपयोगी स्किल्स सीखने का अवसर मिलेगा।

हालांकि, प्रशिक्षण के बैच, आवेदन प्रक्रिया, केंद्रों की उपलब्धता और प्रवेश की तारीखों के बारे में अंतिम जानकारी संबंधित विभाग की आधिकारिक अधिसूचना से ही स्पष्ट होगी।

Bihar Digital Mitra Yojana के लिए योग्यता क्या है?

योजना में शामिल होने के लिए शैक्षणिक योग्यता और डिजिटल क्षेत्र के अनुभव से जुड़ी शर्तें निर्धारित की गई हैं।

  • न्यूनतम शिक्षा: उम्मीदवार का कम से कम 10वीं पास होना जरूरी है।
  • अनुभव की शर्त: डिजिटल क्षेत्र में डेढ़ साल का अनुभव मांगा गया है।
  • 12वीं पास उम्मीदवार: उपलब्ध योजना विवरण के अनुसार, 12वीं पास युवाओं को अनुभव की इस शर्त से छूट दी गई है।
  • प्राथमिकता: APAAR ID के आधार पर क्रेडिट स्कोर हासिल करने वाले युवाओं को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई है।

उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले इन शर्तों की आधिकारिक पुष्टि कर लेनी चाहिए, ताकि पात्रता को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो।

डिजिटल मित्र ट्रेनिंग के बाद कहां मिल सकती है नौकरी?

इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए उपयोगी कौशल प्रदान करना है। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद युवा अपनी योग्यता, अनुभव और उपलब्ध अवसरों के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में काम तलाश सकते हैं।

संभावित रोजगार क्षेत्रों में शामिल हैं:

1. कंप्यूटर ऑपरेटर और ऑफिस असिस्टेंट

निजी कंपनियों, कार्यालयों और अन्य संस्थानों में डेटा एंट्री, दस्तावेज तैयार करने, स्प्रेडशीट संभालने और दूसरे कंप्यूटर संबंधी कामों के अवसर मिल सकते हैं।

2. डिजिटल मार्केटिंग

युवा सोशल मीडिया प्रबंधन, ऑनलाइन प्रचार, डिजिटल कंटेंट और मार्केटिंग से जुड़े कामों के लिए अपनी स्किल्स विकसित कर सकते हैं।

3. पंचायत और प्रखंड स्तर पर डिजिटल कार्य

स्थानीय प्रशासनिक संस्थानों में डिजिटल सहायक जैसे कार्यों के अवसर उपलब्ध होने पर युवा आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर भर्ती संबंधित विभाग के नियमों के अनुसार होगी।

4. IT और नेटवर्किंग

कंप्यूटर और तकनीक की अतिरिक्त जानकारी हासिल करने वाले युवाओं के लिए IT सपोर्ट, नेटवर्किंग और तकनीकी सहायता से जुड़े क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावना हो सकती है।

5. बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं

डिजिटल रिकॉर्ड, ऑफिस कार्यों और ग्राहक सहायता से जुड़े पदों के लिए डिजिटल कौशल उपयोगी हो सकते हैं।

6. अन्य रोजगार क्षेत्र

योजना के व्यापक कौशल और रोजगार उद्देश्यों के तहत ड्रोन तकनीक, होम नर्सिंग, लैब टेक्नीशियन, ब्यूटी एंड वेलनेस, बेकरी, खाद्य उद्योग और कंप्लायंस से जुड़े क्षेत्रों में भी रोजगार की संभावनाओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन क्षेत्रों में काम करने के लिए संबंधित पद के अनुसार अलग प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र या योग्यता की जरूरत हो सकती है।

ध्यान रखें कि ट्रेनिंग पूरी करने का मतलब सरकारी या निजी कंपनी में नौकरी की गारंटी नहीं है। रोजगार उम्मीदवार की योग्यता, चयन प्रक्रिया और उपलब्ध रिक्तियों पर निर्भर करेगा।


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