Driving Licence Rules Update: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, रिन्यू कराने या उसमें दर्ज व्यक्तिगत जानकारी बदलवाने वाले लोगों के लिए आने वाले दिनों में प्रक्रिया पहले से आसान हो सकती है। केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित नियमों में संशोधन के लिए एक मसौदा जारी किया है। इसमें पता, मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट कराने की फीस समाप्त करने, आवेदन निपटाने की समयसीमा तय करने और कुछ मामलों में ऑटो अप्रूवल की व्यवस्था लागू करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाना और ऑनलाइन आवेदन के दौरान होने वाली परेशानियों को कम करना है। इसके अलावा, बिजली और घरेलू गैस के बिल को पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार करने, सारथी पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने तथा आपातकालीन संपर्क की जानकारी दर्ज करने जैसे सुझाव भी मसौदे में शामिल हैं। हालांकि, इन बदलावों को अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। इसलिए इन्हें लागू नियमों के बजाय प्रस्तावित संशोधन के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में क्या हो सकते हैं 5 बड़े बदलाव?
1. पता, मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट कराने की फीस हो सकती है खत्म
ड्राइविंग लाइसेंस में दर्ज पता, मोबाइल नंबर या ईमेल बदलवाने के लिए शुल्क समाप्त करने का प्रस्ताव चर्चा में है। यदि इसे अंतिम मंजूरी मिलती है, तो नौकरी, घर बदलने या संपर्क विवरण में बदलाव के कारण अपनी जानकारी अपडेट कराने वाले लोगों को राहत मिल सकती है। मसौदे में आधार के माध्यम से ऑनलाइन प्रमाणीकरण से जुड़ी सेवाओं को मुफ्त करने का प्रस्ताव भी शामिल बताया गया है। हालांकि, किन सेवाओं पर शुल्क समाप्त होगा और यह व्यवस्था किन शर्तों के साथ लागू होगी, इसकी पुष्टि अंतिम नियम जारी होने के बाद ही होगी।
2. बिजली और घरेलू गैस का बिल बन सकता है पते का प्रमाण
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए एड्रेस प्रूफ यानी पते के प्रमाण से जुड़े दस्तावेजों के विकल्प बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। इसके तहत बिजली का बिल और घरेलू गैस का बिल भी स्वीकार किए जाने का प्रस्ताव है। मसौदे में ऐसे बिलों के तीन महीने से अधिक पुराने नहीं होने की शर्त का उल्लेख है। इससे उन आवेदकों को सुविधा मिल सकती है, जिन्हें पते की पुष्टि के लिए दूसरे दस्तावेज जुटाने में परेशानी होती है। यह सुविधा प्रस्तावित है। अंतिम रूप से कौन-से दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे और उनके लिए क्या शर्तें होंगी, यह अधिसूचित नियमों पर निर्भर करेगा।
3. सारथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना हो सकता है आसान
ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं को सरल बनाने के लिए सारथी पोर्टल में बदलाव का प्रस्ताव है। इसके तहत आवेदन फॉर्म में पहले से उपलब्ध जानकारी को स्वतः भरने यानी ऑटो-फिल की सुविधा दी जा सकती है। इस व्यवस्था से आवेदकों को एक ही जानकारी बार-बार दर्ज करने की जरूरत कम हो सकती है। इससे आवेदन भरने में लगने वाला समय बचने और गलत जानकारी दर्ज होने की आशंका कम करने में भी मदद मिल सकती है। इसके साथ ही लाइसेंस रिन्यू कराने, डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और लाइसेंस में वाहन की नई श्रेणी जोड़ने जैसी सेवाओं के लिए अलग फॉर्म 2A लाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
4. आवेदन निपटाने की समयसीमा और ऑटो अप्रूवल की व्यवस्था
ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं में देरी कम करने के लिए आवेदन निपटाने की समयसीमा निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, कुछ निर्धारित मामलों में तय समय के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर आवेदन को स्वीकृत मानने की व्यवस्था यानी ऑटो अप्रूवल पर भी विचार किया गया है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो संबंधित सेवाओं के लिए लंबे समय तक इंतजार करने की परेशानी कम हो सकती है। हालांकि, ऑटो अप्रूवल सभी तरह के आवेदनों पर लागू होगा या केवल चुनिंदा सेवाओं पर, यह अंतिम नियमों से स्पष्ट होगा। इसलिए फिलहाल किसी भी आवेदन को तय समय बीतने मात्र से स्वीकृत मानना सही नहीं होगा।
5. इमरजेंसी कॉन्टैक्ट और अंगदान का विकल्प
प्रस्तावित संशोधनों में ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन के दौरान इमरजेंसी कॉन्टैक्ट की जानकारी अनिवार्य करने का सुझाव भी शामिल है। इससे किसी आपात स्थिति में संबंधित व्यक्ति के परिवार या परिचित तक पहुंचने में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा, आवेदन प्रक्रिया में अंगदान से संबंधित विकल्प उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव है। इसके माध्यम से इच्छुक व्यक्ति अंगदान के प्रति अपनी इच्छा दर्ज करने का विकल्प पा सकते हैं। इन प्रावधानों को किस तरह लागू किया जाएगा और इनके लिए क्या शर्तें होंगी, यह अंतिम नियमों में स्पष्ट किया जाएगा।
सरकार ने मांगे सुझाव और आपत्तियां
ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े प्रस्तावित बदलावों पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने आम लोगों तथा संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। सुझावों पर विचार करने के बाद मसौदे में संशोधन किया जा सकता है और इसके बाद अंतिम नियमों को लेकर निर्णय लिया जा सकता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य प्रस्तावित नियमों पर संबंधित पक्षों की राय लेना है, ताकि अंतिम व्यवस्था तैयार करते समय व्यावहारिक पहलुओं पर भी विचार किया जा सके।
आम लोगों को क्या फायदा हो सकता है?
यदि प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित कई सेवाओं में लोगों को सुविधा मिल सकती है। व्यक्तिगत जानकारी अपडेट कराने का खर्च कम हो सकता है, पते के प्रमाण के लिए दस्तावेजों के विकल्प बढ़ सकते हैं और ऑनलाइन आवेदन भरना आसान हो सकता है। आवेदन निपटाने की समयसीमा तय होने से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। वहीं, चुनिंदा मामलों में ऑटो अप्रूवल लागू होने पर अनावश्यक देरी कम होने की संभावना है।