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Shajapur Hindu Sammelan : शाजापुर जिले के पोलायकला में हिंदू सम्मेलन संपन्न, जुटे कार्यकर्ता

Shajapur Hindu Sammelan : शाजापुर जिले के पोलायकला में हिंदू सम्मेलन संपन्न, जुटे कार्यकर्ता

मुकेश शर्मा, शाजापुर : शाजापुर जिले के नगर पोलायकला के रामदेव बस स्टैंड पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने पर हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महंत तेजू बाबा उज्जैन, विशेष अतिथि के रूप में राधिका सिंह तोमर, पूर्व प्रांतीय मंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मालवा प्रांत सत्यनारायण शर्मा शिशु वाटिका संयोजक के द्वारा भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 

इसके बाद सभी अतिथियों का कार्यक्रम संयोजक प्रेमनारायण मण्डलोई ने का तिलक लगाकर शाल श्रीफल से सम्मान किया गया। सम्मान के बाद अपने संबोधन में कहा कि संघ ने हमेशा ही राष्ट्र सेवा को सर्वोपरि माना है और संघ हमेशा राष्ट्र सेवा करता आ रहा है। हर स्वयंसेवक को अपना कर्तव्य निभाना होगा और जाति से ऊपर उठ करके सनातन धर्म के साथ हिन्दू राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करना होगा। यह हर स्वयं सेवक की जिम्मेदारी है कि वह राष्ट्र सेवा के प्रति घर घर जा करके हर नागरिकों कोजागरूकता प्रदान करें।

धर्म सनातन जाती हिंदू राष्ट्र सेवा सर्वोपरि

आज हिंदू धर्म को अनेक जातियों में बांटने की कोशिश चल रही है, लेकिन हमारा धर्म सनातन है। जाती हिंदू है और हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरि क्यकि राष्ट्र रहेगा, तो जाती रहेगी। इसलिए सिर्फ हमें सोचना होगा कि हम सिर्फ राष्ट्र के लिए जीते हैं। भारत वर्ष एक सनातन संस्कृति सभ्यता वाला देश है, यहां पर इस विशाल वट वृक्ष के नीचे अलग-अलग भाषाओं वाले देश में विदेशी ताकतों के द्वारा हमें जातियों में बांटने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हमें अर्जुन ने जिस प्रकार से एक निशाने से मछली की आंख को भेदने का काम किया था। इस प्रकार से हमे भी हमारा धर्म सनातन है, जाति हिंदू है और इन सबसे पहले हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरि होना चाहिए। क्योंकि इस भारतवर्ष को अनेको बलिदानियों ने अपने प्राणों की आहुति देकर के स्वतंत्रता के साथ सनातन धर्म को मजबूत रखा है,हमें सोचना होगा कि हम सिर्फ मानव हैं और मानव ही हमारी जाती हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति

हिन्दू सम्मेलन मे सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियां दी गई और देश भक्ति के तरानो के साथ मेरा रंग दे बसंती चोला, तू मेरा करमा तू मेरा धरमा, दिल दिया है जान भी देंगे जैसे आकर्षक देशभक्ति गानों पर स्कूली छात्र छात्राओं ने समा बांध दिया। वहीं राम जी के भजनों के द्वारा भगवान राम जी के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया गया। क्योंकि हमे अपने जीवन मे राम जी के आदर्शो का अनुशरण करने की जरूरत है। भगवान राम ने पिता दशरथ के हर वचनो का पालन किया। राज सिहासन का त्याग कर वनवास जाना स्वीकार किया। भगवान ने अपने जीवन मे सबरी क्रे झूठे बैर खाए, वहां ना तो जाति थी और ना ऊंच नीच तो, हमे भी अपने कर्तव्य का पालन करके राष्ट्र सेवा सर्वोपरि मानकर अपने पद का लालच नही रख कर एक दूसरे के प्रति भेदभाव छोड़कर राष्ट्र सेवा करनी चाहिए। यही जीवन का उद्देश्य रखना चाहिए।


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