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Voter List Update: 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष पुनरीक्षण का ऐलान, जानें कब आएगी नई मतदाता सूची

Voter List Update: 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष पुनरीक्षण का ऐलान, जानें कब आएगी नई मतदाता सूची

देश में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेटेड बनाने के लिए चुनाव आयोग ने छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष सारांश पुनरीक्षण (Special Summary Revision-SSR) की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है। इस अभियान के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, वोटर लिस्ट में मौजूद गलतियों को सुधारा जाएगा और अपात्र नामों की जांच की जाएगी। इस प्रक्रिया में ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, सिक्किम, चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव को शामिल किया गया है। आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर मिले।

1 जनवरी 2027 होगी अर्हता तिथि, युवाओं को मिलेगा एडवांस आवेदन का मौका

चुनाव आयोग ने विशेष पुनरीक्षण के लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित की है। इसके अनुसार, इस तारीख तक 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, आयोग ने युवाओं को पहले से आवेदन करने की सुविधा भी दी है। जो युवा 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करेंगे, वे भी अग्रिम रूप से आवेदन कर सकते हैं। इससे पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

कब जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट?

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, विशेष पुनरीक्षण के बाद संशोधित ड्राफ्ट मतदाता सूची 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद मतदाता अपने नाम और अन्य जानकारियों की जांच कर सकेंगे। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं है या नाम, पता अथवा अन्य विवरण में कोई गलती है, तो निर्धारित अवधि के दौरान दावा और आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। प्राप्त आवेदनों और आपत्तियों का निपटारा करने के बाद चुनाव आयोग 21 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी करेगा।

पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के नाम जोड़ने पर विशेष ध्यान

चुनाव आयोग के इस अभियान में युवा और पहली बार वोट डालने जा रहे मतदाताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। आयोग चाहता है कि 18 वर्ष की पात्रता हासिल करने वाला कोई भी नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। इसके साथ ही मौजूदा वोटर लिस्ट में दर्ज नाम, पते और अन्य जानकारियों की शुद्धता सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। मतदाता अपनी जानकारी की जांच कर जरूरत के मुताबिक सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिए गए निर्देश

चुनाव आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य के लिए पर्याप्त कर्मचारियों और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। आयोग के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए, ताकि ड्राफ्ट और अंतिम मतदाता सूची निर्धारित तारीखों पर प्रकाशित की जा सके। इस विशेष पुनरीक्षण से नए मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर मिलेगा। साथ ही, मौजूदा मतदाता भी अपने नाम और व्यक्तिगत विवरण की जांच कर सकेंगे।


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