रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर को 50 करोड़ रुपए की फिरौती के लिए धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि पिछले तीन से चार दिनों के दौरान उन्हें विदेशी नंबरों से लगातार तीन कॉल आए। कॉल करने वाले ने रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। एक कॉल में खुद को अमन साव और बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एजाज ढेबर ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ फिरौती और धमकी समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस कॉल से जुड़े तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
तीन अलग-अलग कॉल में बढ़ती गई धमकी
पुलिस के मुताबिक, एजाज ढेबर को कुछ दिनों के अंतराल में तीन धमकी भरे फोन आए। पहले कॉल में सीधे 50 करोड़ रुपए देने की मांग की गई। इसके बाद दूसरे नंबर से फोन कर कॉल करने वाले ने खुद को अमन साव और बिश्नोई गैंग से संबंधित बताया।
तीसरे फोन में धमकी का लहजा और गंभीर हो गया। कॉल करने वाले ने आरोप लगाया कि एजाज ढेबर उसकी बात को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसके बाद परिवार के किसी सदस्य को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई।इसी के बाद पूर्व महापौर ने मामले की शिकायत पुलिस से की।
विदेशी नंबर से आए कॉल की जांच
धमकी के लिए विदेशी नंबरों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस की साइबर टीम तकनीकी जांच में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नंबरों का इस्तेमाल किसने किया, कॉल कहां से की गई और इसके पीछे कौन लोग हैं। जांच में कॉल डिटेल, डिजिटल साक्ष्य और उपलब्ध तकनीकी जानकारी को शामिल किया जा रहा है।
क्या वाकई गैंग से जुड़ा है कॉलर?
मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि धमकी देने वाले व्यक्ति ने खुद को बिश्नोई और अमन साव गैंग से जुड़ा बताया है। हालांकि, अभी तक पुलिस जांच में यह पुष्टि नहीं हुई है कि कॉल करने वाला वास्तव में किसी संगठित गिरोह का सदस्य है। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं किसी ने डर पैदा करने और फिरौती वसूलने के लिए चर्चित गैंग के नाम का इस्तेमाल तो नहीं किया।
अमन साव के नाम के बाद पुराना कनेक्शन भी जांच के दायरे में
कॉल में अमन साव का नाम लिए जाने के बाद पुलिस उसके पुराने रायपुर कनेक्शन को भी जांच में रख रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अमन साव के रायपुर जेल में रहने के दौरान एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर भी जेल में बंद थे। हालांकि, इस पुराने कनेक्शन के आधार पर धमकी देने वाले व्यक्ति का किसी गैंग से संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कॉल के पीछे कौन था और उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
एजाज ढेबर की शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब विदेशी नंबरों से आए कॉल की तकनीकी जानकारी जुटाने के साथ आरोपी की पहचान करने में लगी है। फिलहाल मामले में 50 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने और धमकी देने की शिकायत की पुष्टि हुई है, लेकिन कॉल करने वाले का बिश्नोई या अमन साव गैंग से वास्तविक संबंध है या नहीं, यह पुलिस जांच का विषय है।