रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में निष्कासित नेताओं को संगठन में दोबारा शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अनुशासन समिति की बैठक के बाद 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं का निष्कासन रद्द कर दिया है। पार्टी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा। प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की बैठक 18 सितंबर 2026 को हुई थी। इस बैठक में पार्टी से निष्कासित नेताओं की ओर से संगठन में वापसी के लिए दिए गए आवेदनों पर चर्चा की गई। कुल 36 नेताओं ने निष्कासन समाप्त करने के लिए आवेदन किया था। इनमें से 20 मामलों में वापसी का रास्ता साफ कर दिया गया है।
20 नेताओं का निष्कासन रद्द
अनुशासन समिति के निर्णय के आधार पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं का निष्कासन तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है। पहली सूची में रायपुर, मुंगेली, गरियाबंद, कोंडागांव और राजनांदगांव से जुड़े कांग्रेस नेताओं के नाम शामिल हैं। रायपुर से आनंद कुकरेजा, पूनम पांडेय और विशाल रजानी का नाम सूची में शामिल है। इसके अलावा मुंगेली से विनय चोपड़ा तथा गरियाबंद से गोरेलाल सिन्हा, राधोवा महाड़िक, भविष्य प्रधान, ऋतिक सिन्हा और भानुप्रताप साहू को भी राहत मिली है। राजनांदगांव जिले से सिद्धार्थ डोंगरे, राजेश गुप्ता, जितेश सिमनकर, सकूर चौहान, सुनीता सिन्हा, आशीष सोनकर, शशांक डोंगरे, अंजू बंजारे और श्यामबती सिन्हा समेत अन्य नाम आदेश में शामिल हैं।
अमित जोगी समेत 16 नेताओं पर फैसला लंबित
36 आवेदनों में से 20 मामलों का निपटारा होने के बाद अब 16 नेताओं के प्रकरण लंबित हैं। इनमें अमित जोगी का मामला भी शामिल है। रिपोर्टों के मुताबिक अनुशासन समिति की बैठक में अमित जोगी से जुड़े मामले पर चर्चा हुई, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह और जोगी परिवार से जुड़े अन्य मामलों पर भी अभी फैसला होना बाकी बताया गया है। लंबित मामलों में संबंधित जिला कांग्रेस कमेटियों से रायशुमारी की प्रक्रिया भी की जा सकती है।
आगे भी जारी रह सकती है वापसी की प्रक्रिया
प्रदेश कांग्रेस में निष्कासित नेताओं की वापसी को लेकर प्रक्रिया अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। 20 नेताओं का निष्कासन रद्द होने के बाद बाकी लंबित आवेदनों पर पार्टी स्तर पर आगे निर्णय लिया जाना है। ऐसे में आने वाले दिनों में अन्य नेताओं के मामलों पर भी फैसला हो सकता है।