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सड़क हादसे में घायल युवक को नहीं मिली मदद, थाना प्रभारी ने खुद पहुंचाया अस्पताल

सड़क हादसे में घायल युवक को नहीं मिली मदद, थाना प्रभारी ने खुद पहुंचाया अस्पताल

अंतागढ़। कांकेर जिले के अंतागढ़ क्षेत्र से पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता से जुड़ा मामला सामने आया है। सिकसोड़ थाना क्षेत्र के जुनागावड़े गांव में बाइक दुर्घटना में घायल हुए एक व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए थाना प्रभारी ने खुद पहल की। जानकारी के अनुसार, जुनागावड़े गांव में एक व्यक्ति बाइक हादसे में घायल हो गया था। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद ग्राम पंचायत के सरपंच की ओर से 108 एंबुलेंस और 112 आपात सेवा को सूचना दी गई। बताया जा रहा है कि काफी समय गुजरने के बाद भी मदद मौके तक नहीं पहुंची। घायल की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने मामले की जानकारी सिकसोड़ थाना प्रभारी को दी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए थाना प्रभारी ने सरकारी वाहन का इंतजार करने के बजाय अपनी निजी कार से घटनास्थल जाने का फैसला लिया।

निजी गाड़ी से घायल को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया

थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे तो घायल की हालत गंभीर बताई गई। उन्होंने बिना समय गंवाए घायल को अपनी निजी गाड़ी में बैठाया और उपचार के लिए अंतागढ़ स्थित स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। अस्पताल में घायल को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना ऐसे मामलों में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। थाना प्रभारी की इस पहल से घायल को अस्पताल तक पहुंचाने में देरी नहीं हुई।

आपात स्थिति में पुलिस की मानवीय पहल

यह घटना पुलिस की कानून-व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियों के साथ उसके मानवीय पक्ष को भी सामने लाती है। आपात स्थिति में उपलब्ध संसाधनों का इंतजार करने के बजाय थाना प्रभारी ने स्वयं पहल करते हुए घायल को अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय स्तर पर इस कदम को पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि 108 और 112 सेवा के मौके पर समय से नहीं पहुंचने के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

 


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