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दशकों बाद लोकतंत्र की जीत: बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा के 47 गांवों में पहली बार फहराया गया तिरंगा...

दशकों बाद लोकतंत्र की जीत: बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा के 47 गांवों में पहली बार फहराया गया तिरंगा...

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में दशकों तक नक्सल हिंसा के साये में रहे इलाकों में अब लोकतंत्र, शांति और विकास की रोशनी दिखाई देने लगी है। बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिलों के 47 गांवों में 26 जनवरी 2026 को पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। यह बस्तर के इतिहास में लोकतांत्रिक पुनर्स्थापना का एक ऐतिहासिक अध्याय माना जा रहा है।

नक्सल प्रभाव के बाद लोकतंत्र की ऐतिहासिक वापसी:

केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त रणनीति, सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से बस्तर क्षेत्र में हालात तेजी से बदले हैं। बीते दो वर्षों में 59 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए, जिससे प्रशासन की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित हुई। पिछले वर्ष जहां 53 गांवों में गणतंत्र दिवस मनाया गया था, वहीं इस बार 47 नए गांव इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़ रहे हैं।

इन गांवों में पहली बार मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस:

बीजापुर जिले के गांव -पुजारीकांकेर, गुंजेपर्ती, भीमाराम, कस्तुरीपाड, ताड़पाला हिल्स, उलूर, चिल्लामरका, काड़पर्ती, पिल्लूर, डोडीमरका, संगमेटा, तोडका, कुप्पागुड़ा, गौतपल्ली, पल्लेवाया और बेलनार।
नारायणपुर जिले के गांव -एडजूम, इदवाया, आदेर, कुडमेल, कोंगे, सितराम, तोके, जटलूर, धोबे, डोडीमार्का, पदमेटा, लंका, परीयादी, काकुर, बालेबेडा, कोडेनार, कोडनार, अदिंगपार, मांदोडा, जटवार और वाडापेंदा।
सुकमा जिले के गांव- गोगुंडा, नागाराम, बंजलवाही, वीरागंगरेल, तुमालभट्टी, माहेता, पेददाबोडकेल, उरसांगल, गुंडराजगुंडेम और पालीगुड़ा।

सुरक्षा कैंप और विकास से बढ़ा भरोसा:

बस्तर संभाग में अब तक 100 से अधिक सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इनकी वजह से न सिर्फ सुरक्षा मजबूत हुई, बल्कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल नेटवर्क और बैंकिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं भी गांवों तक पहुंच रही हैं। हाल ही में जगरगुंडा में बैंकिंग सेवा की बहाली को इस बदलाव का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

ग्रामीणों में उत्साह और आत्मविश्वास:

जिन गांवों में कभी राष्ट्रीय पर्व मनाना संभव नहीं था, आज वहीं ग्रामीण खुद तिरंगा फहराने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी कर रहे हैं। सुरक्षा बलों की सतत मौजूदगी और प्रशासन की पहुंच से लोगों में भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ा है।

सरकार का संदेश: विकास और सुशासन:

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर को अब भय नहीं, बल्कि विकास की पहचान मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इन 47 गांवों में पहली बार फहराने वाला तिरंगा नए युग की शुरुआत और लोकतंत्र की जीत का प्रतीक बनेगा।


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