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छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी, 1.68 लाख किसानों को मिलेगा मौका; टोकन व्यवस्था में बड़ा बदलाव

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी, 1.68 लाख किसानों को मिलेगा मौका; टोकन व्यवस्था में बड़ा बदलाव

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। बलौदाबाजार जिले में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होगी। इस बार जिले के करीब 1 लाख 68 हजार पंजीकृत किसानों से धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 181 उपार्जन केंद्रों में व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। खास बात यह है कि इस बार किसानों को टोकन लेने में पहले से ज्यादा सहूलियत मिलेगी। किसान अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार धान बेचने की तारीख चुन सकेंगे।

15 नवंबर से शुरू होगी खरीदी, 15 जनवरी तक चलेगी प्रक्रिया

जिले में धान खरीदी का काम 15 नवंबर 2026 से शुरू होकर 15 जनवरी 2027 तक चलेगा। निर्धारित अवधि में 181 खरीदी केंद्रों के जरिए लगभग 1.68 लाख किसानों से धान लिया जाएगा। इस बार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने की व्यवस्था है। प्रशासन ने खरीदी शुरू होने से पहले सभी केंद्रों में जरूरी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए हैं।

10 नवंबर से मिलेगा टोकन, घर बैठे कर सकेंगे तारीख का चयन

इस बार धान खरीदी की टोकन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। किसानों को 10 नवंबर से 'तुंहर टोकन' मोबाइल ऐप के जरिए टोकन जारी किए जाएंगे। कुल टोकन में 70 प्रतिशत ऑनलाइन ऐप से और बाकी 30 प्रतिशत संबंधित समितियों के माध्यम से दिए जाएंगे।

नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसान अपनी सुविधा के मुताबिक किसी भी उपलब्ध तारीख का चयन कर सकेंगे। इससे खरीदी केंद्रों में अनावश्यक भीड़ कम करने और किसानों को अपनी उपज बेचने की योजना बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कलेक्टर ने 181 केंद्रों में व्यवस्था दुरुस्त करने के दिए निर्देश

धान खरीदी को लेकर कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को सभी 181 उपार्जन केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि खरीदी के दौरान किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संचालित हो।

अवैध धान पर लगाम लगाने के लिए बदली उठाव व्यवस्था

इस बार अवैध धान की आवक रोकने के लिए भी नई व्यवस्था लागू की जा रही है। खरीदी के दौरान केंद्रों से धान का उठाव नहीं किया जाएगा। पूरी खरीदी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही धान उठाने की कार्रवाई शुरू होगी।

हालांकि, इस फैसले से खरीदी केंद्रों में भंडारण की चुनौती बढ़ सकती है। लंबे समय तक धान केंद्रों में रखे जाने के कारण पर्याप्त जगह, सुरक्षा और भंडारण की व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा।

दो महीने में 1.68 लाख किसानों से खरीदी की होगी परीक्षा

बलौदाबाजार जिले में लगभग दो महीने के भीतर 1.68 लाख किसानों से धान खरीदना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। एक तरफ नई टोकन व्यवस्था से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ खरीदी पूरी होने तक धान का उठाव नहीं होने से भंडारण व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन की तैयारियां खरीदी सीजन में कितनी कारगर साबित होती हैं।


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