PWD action on contractors Bastar: किसी भी क्षेत्र के विकास में उसकी सबसे अहम कड़ी सड़क निर्माण की प्रक्रिया को माना जाता है। इसी क्रम में नक्सल मुक्त होने के बाद अब बस्तर विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है, लेकिन अब इसके विकास की रफ्तार पर सवाल उठ रहे हैं।
दरअसल, बस्तर संभाग में सड़क निर्माण का काम तो शुरू हुआ, लेकिन इन सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों की गति इतनी धीमी है कि लोगों का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इसे लेकर लोक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्यों में देरी करने और अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने वाले ठेकेदारों पर बड़ी कार्रवाई की है।विभाग ने इन कार्यों को करने वाले और काम पूरा करने में रुचि नहीं दिखाने वाले 6 ठेकेदारों के पंजीयन के नवीनीकरण पर रोक लगा दी है, जबकि 2 ठेकेदारों के पंजीयन को निरस्त भी कर दिया गया है।
अनुबंध की अवधि बढ़ाने के साथ-साथ ठेकेदारों ने काम पूरा करने के लिए स्वयं शपथ पत्र भी दिए थे, लेकिन इसके बाद भी निर्माण कार्यों में कोई प्रगति नहीं हुई। इसे लेकर विभाग ने कई बार नोटिस जारी करते हुए संबंधित ठेकेदारों को निर्माण कार्य में गति लाने और निर्धारित समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए, लेकिन इसके बावजूद काम पूरा नहीं किया गया।इसके बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए इन ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की और उनके पंजीयन के नवीनीकरण पर रोक लगाने का फैसला लिया।
काम में हो रही थी देरी
राज्य शासन ने निर्माणाधीन महत्वाकांक्षी सड़क और पुल परियोजनाओं की धीमी गति को लेकर बस्तर संभाग में इन कार्यों की समीक्षा भी की थी। समीक्षा और जांच के दौरान यह सामने आया कि निर्माण से संबंधित ठेकेदारों को कई बार आदेश और नोटिस जारी किए जाने के बावजूद वे निर्माण कार्यों को पूरा करने में रुचि नहीं दिखा रहे थे।इसके बाद सरकार ने संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की। साथ ही, संभावित कानूनी चुनौती को देखते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट में कैविएट भी दायर की गई है।
इन ठेकेदारों के खिलाफ हुई कार्रवाई
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय ने अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन, लापरवाही और निर्माण कार्य में बरती गई कोताही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग की ओर से ऐसे ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई है, जिनके द्वारा निर्धारित समय-सीमा में निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया या कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई।
Read More: भारत के लिए बड़ी बढ़ी चिंता, कच्चे तेल की कीमतों में एक बार हुआ इजाफा, पहुंचा 105 डॉलर प्रति बैरल
विभागीय आदेश के अनुसार—
के. मोहन रेड्डी — पंजीयन निरस्त किया गया है और 5 वर्ष तक नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है।
मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. — पंजीयन निरस्त किया गया है और 5 वर्ष तक नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है।
मेसर्स राघवा कंस्ट्रक्शन — 5 वर्ष तक पंजीयन नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है।
मेसर्स शांति विजय कंस्ट्रक्शन — 5 वर्ष तक पंजीयन नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है।
मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर — 2 वर्ष तक पंजीयन नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है।
मेसर्स पंकज हालदार — 5 वर्ष तक पंजीयन नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है।
इन सड़कों के काम में हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, सुकमा जिले के चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग, कोंटा-गोलापल्ली मार्ग और भेज्जी-चिंतागुफा मार्ग से जुड़े निर्माण कार्यों में लापरवाही और धीमी प्रगति को लेकर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं, नारायणपुर जिले के नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग के साथ-साथ पुल-पुलियों के निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर भी संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ पंजीयन नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है।
लापरवाही पर होगा एक्शन — PWD
लोक निर्माण विभाग ने कहा है कि सार्वजनिक आवागमन और जनसुविधा से जुड़े निर्माण कार्यों में लापरवाही तथा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
ठेकेदारों पर हुई इस कार्रवाई के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि नक्सल मुक्त बस्तर में विकास की रफ्तार को और गति मिलेगी और लंबे समय से धीमी गति से चल रहे सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों में तेजी आएगी।