विनोद मिश्रा, छतरपुर : 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर छतरपुर के पुलिस लाइन मैदान में आयोजित शासकीय समारोह उस समय विवादों में आ गया, जब कार्यक्रम की कवरेज कर रहे पत्रकारों को बैरिकेडिंग कर रोक दिया गया। जिसको लेकर पत्रकारों में नाराजगी देखी गई और मामले ने तूल पकड़ लिया।
कवरेज से पत्रकारों को रोका
समारोह में कलेक्टर पार्थ जैसवाल द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, मुख्यमंत्री के संदेश एवं मध्य प्रदेश सरकार की योजनाओं का वाचन किया गया, परेड की सलामी ली गई और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान किया गया। इसी दौरान पत्रकारों को मुख्यमंत्री के संदेश और सरकारी योजनाओं के वाचन की कवरेज से रोक दिया गया।
पत्रकारों ने जताई आपत्ति
जानकारी के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हरपालपुर थाना प्रभारी ने पत्रकारों को यह कहकर कवरेज से रोका कि वीडियो फुटेज पुलिस PRO द्वारा उपलब्ध करा दी जाएगी और पत्रकारों के लिए अलग से वेरी गेट निर्धारित किया गया है, जिसके भीतर से ही कवरेज करनी होगी। इस पर मौके पर मौजूद पत्रकारों ने आपत्ति जताई। मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम अखिल राठौर खुद पत्रकारों के पास पहुंचे और तत्काल कवरेज की अनुमति दी। हालांकि, इस घटनाक्रम से नाराज पत्रकारों ने पहले अनुमति मिलने के बावजूद कवरेज करने से इनकार कर दिया। बाद में दोबारा स्पष्ट अनुमति मिलने पर कवरेज की गई।
कलेक्टर से की शिकायत
मामले को लेकर पत्रकारों ने कलेक्टर पार्थ जैसवाल से शिकायत भी की। इस पर कलेक्टर ने कहा कि अभी सवाल करने का समय नहीं है, हालांकि उन्होंने जनसंपर्क अधिकारी और एसडीएम को आवश्यक निर्देश देने की बात कही। वहीं छतरपुर विधायक ललिता यादव ने पत्रकारों के पक्ष का समर्थन करते हुए कहा कि इस बार व्यवस्था में चूक हुई है और भविष्य में इस बिंदु पर विशेष ध्यान रखा जाएगा, क्योंकि पत्रकारों के बिना ऐसे कार्यक्रम संभव नहीं हैं।
अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
गणतंत्र दिवस समारोह में कलेक्टर पार्थ जैसवाल, डीआईजी विनीत खत्री, पुलिस अधीक्षक अगम जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार पटेल, सीएसपी अरुण सोनी, छतरपुर विधायक ललिता यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष विद्या हरिओम अग्निहोत्री, नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।