अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दानपात्र से जुड़े विवाद के बाद ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। सोमवार को आयोजित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। हाल के दिनों में सामने आए घटनाक्रम और जांच के बीच यह बैठक काफी अहम मानी जा रही थी।
चढ़ावा विवाद के बाद बढ़ी थी हलचल
मंदिर के दान और चढ़ावे से जुड़े मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। इसके बाद मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान कई लोगों की गिरफ्तारी हुई, जिसके बाद ट्रस्ट के भीतर भी प्रशासनिक बदलाव की जरूरत महसूस की गई।
26 जून को दिया था इस्तीफा
चंपत राय और ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने 26 जून को अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया था। सोमवार की बैठक में ट्रस्ट सदस्यों ने चंपत राय के इस्तीफे पर अंतिम निर्णय लेते हुए उसे स्वीकार कर लिया। इस फैसले के साथ ट्रस्ट के नेतृत्व में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।
बैठक में नहीं पहुंचे दोनों पदाधिकारी
ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा शामिल नहीं हुए। हालांकि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज समेत अन्य सदस्य बैठक में मौजूद रहे। बैठक के दौरान ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे और आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
ट्रस्ट सदस्यता को लेकर बनी हुई है स्थिति स्पष्ट होने की प्रतीक्षा
महासचिव पद से इस्तीफा स्वीकार होने के बाद भी ट्रस्ट की सदस्यता को लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जानी बाकी है। ट्रस्ट के नियमों के अनुसार किसी सदस्य का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद भी उसकी सदस्यता समाप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया और आवश्यक बहुमत की जरूरत होती है। इस विषय पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट के नियमों के अनुरूप लिया जाएगा।
जांच अभी भी जारी
चढ़ावा विवाद की जांच फिलहाल जारी है। जांच एजेंसियों ने अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मामले से जुड़े वित्तीय पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। ट्रस्ट का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।