UP Terrorists Arrested: उत्तर प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक खतरनाक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। UP ATS ने हाल ही में गिरफ्तार किए गए 4 संदिग्ध आतंकियों को कड़ी सुरक्षा के बीच स्पेशल NIA-ATS कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर 'टेरर मॉड्यूल'
जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं कि यह पूरा गिरोह सीधे तौर पर पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के निर्देशों पर काम कर रहा था। गैंग का मुख्य सरगना साकिब उर्फ डेविड बताया जा रहा है, जिसके साथ तीन अन्य सहयोगियों अरबाब, विकास गहलावत और लोकेश उर्फ पपला को पकड़ा गया है।
फैलाना चाहते थे दहशत
एटीएस की पड़ताल के मुताबिक, इस गिरोह का एकमात्र उद्देश्य भारत में डर का माहौल बनाना था। ये आतंकी प्रतिष्ठित संस्थानों, वाहनों और रेलवे सिग्नल बॉक्स को निशाना बनाकर उनमें आगजनी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। आगजनी की हर घटना का वीडियो बनाकर ये आतंकी पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेजते थे। इसके बदले में पाकिस्तानी हैंडलर्स इन्हें QR कोड के माध्यम से हवाला या डिजिटल करेंसी के जरिए पैसे मुहैया कराते थे।
सोशल मीडिया बना था 'आतंक की पाठशाला'
यह गैंग केवल आगजनी तक सीमित नहीं था, बल्कि इंटरनेट के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा फैला रहा था। एटीएस को पता चला है कि ये लोग टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के माध्यम से ओसामा बिन लादेन, फतुल्लाह गोरी, कश्मीर मुजाहिदीन और 'गजवा-ए-हिंद' जैसे कट्टरपंथी समूहों से जुड़े थे। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कई मोबाइल नंबरों से इनका सीधा संपर्क होना इस बात की पुष्टि करता है कि देश की सुरक्षा में एक बड़ी सेंध लगाने की कोशिश की जा रही थी।
आगे की कार्रवाई
स्पेशल कोर्ट में हुई पेशी के बाद एटीएस अब इन चारों आतंकियों से गहन पूछताछ करेगी। रिमांड अवधि के दौरान एजेंसी यह जानने की कोशिश करेगी कि इनके और कितने साथी अभी सक्रिय हैं और इनका क्या बड़ा टारगेट था।