राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने राजनांदगांव में उप पंजीयक कार्यालय भवन के कथित उद्घाटन से जुड़ी भ्रामक खबर के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। विभाग ने जांच के बाद सहायक अभियंता सुशील कुमार लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रभारी मंत्री की शिकायत और विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई।
भ्रामक खबर के बाद शुरू हुई जांच
विभागीय जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई 2026 को उप पंजीयक कार्यालय भवन के उद्घाटन को लेकर समाचार प्रकाशित हुआ था। जबकि गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की ओर से इस संबंध में किसी भी प्रकार का आधिकारिक उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया था। मामला सामने आने के बाद इसकी जांच कराई गई।
मौके पर मौजूद अधिकारी पर लापरवाही का आरोप
जांच में पाया गया कि घटना के समय सहायक अभियंता सुशील कुमार लहरे मौके पर उपस्थित थे। विभाग का आरोप है कि उन्होंने स्थिति को स्पष्ट करने, वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर जानकारी देने और गलत सूचना को रोकने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया।
नियमों के तहत तत्काल निलंबन
गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने सहायक अभियंता के आचरण को सेवा नियमों के विपरीत मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी किया।
नवा रायपुर रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान सुशील कुमार लहरे का मुख्यालय पर्यावास भवन, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) प्रदान किया जाएगा।