महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे अजित पवार गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। पुणे जिले के बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान परिसर में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान हजारों समर्थक मौजूद रहे और वातावरण “अजित दादा अमर रहे” के नारों से गूंज उठा।
चार्टर्ड विमान हादसे में हुआ था निधन
अजित पवार का निधन बुधवार को हुए एक दुखद विमान हादसे में हुआ था। उनका चार्टर्ड विमान बारामती हवाई अड्डे पर दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास कर रहा था, तभी रनवे से लगभग 200 मीटर पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में कुल पांच लोगों की जान चली गई।
बेटों ने दी मुखाग्नि, नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार के दौरान अजित पवार के बेटे पार्थ पवार और जय पवार ने पिता को मुखाग्नि दी। इस भावुक मौके पर परिवार के सदस्य, पार्टी कार्यकर्ता और आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
अंतिम संस्कार में पहुंचे दिग्गज नेता
अजित पवार को अंतिम विदाई देने देश और राज्य के कई बड़े नेता बारामती पहुंचे। इनमें— केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मनसे प्रमुख राज ठाकरे, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल रहे।
चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे बारामती
जानकारी के अनुसार, अजित पवार जिला परिषद चुनावों के प्रचार के सिलसिले में मुंबई से बारामती जा रहे थे। वे जनसभाओं को संबोधित करने वाले थे, लेकिन रास्ते में यह भीषण हादसा हो गया।
अनुभवी क्रू मेंबर्स की भी गई जान
दुर्घटना में— कैप्टन सुमित कपूर (15,000 घंटे उड़ान अनुभव), सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, निजी सुरक्षा अधिकारी विधिप जाधव, और एयर होस्टेस पिंकी माली की भी मौत हो गई।
ब्लैक बॉक्स से खुलेगा हादसे का राज
हादसे की जांच के लिए विमान से ब्लैक बॉक्स बरामद किया जाएगा। 16 साल पुराना यह लियरजेट विमान, जिसे वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड संचालित कर रही थी, दुर्घटना के कारणों की जांच का केंद्र बनेगा। एनसीपी संस्थापक और अजित पवार के चाचा शरद पवार ने इस हादसे को बेहद दुखद बताया और कहा कि इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
राजनीति में गहरा असर
66 वर्षीय अजित पवार के निधन से न सिर्फ महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार को झटका लगा है, बल्कि एनसीपी के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। छह बार उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार को लेकर यह कहा जाता रहा कि वे एक दिन मुख्यमंत्री जरूर बनेंगे, लेकिन उनका यह सपना अधूरा रह गया।
पीछे छोड़ गए भरा-पूरा परिवार
अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार, बेटे पार्थ और जय सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके जाने से महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति में भी एक बड़ा खालीपन महसूस किया जा रहा है।