इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में हर साल की तरह इस साल भी अनंत चतुर्दशी के मौके पर भव्य झाकियां निकाली जाएगी। जिसको लेकर तैयारियां जहां लगभग पूरी कर ली गई है। तो वही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए है। 103 साल पुरानी इस परंपरा को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में हैं। तो वही झांकी और जुलूस शाम 6 बजे से शुरू होंगे।
22 से अधिक झांकियां आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष 22 से अधिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। अलग-अलग मिल परिसरों में कलाकार और कारीगर दिन-रात काम कर इन्हें अंतिम रूप देने में जुटे हैं। झांकियों के जरिए भगवान गणेश से जुड़े प्रसंगों के साथ सामाजिक जागरूकता के संदेश भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
खास थीम पर झांकियां तैयार
नारी शक्ति, महिला सशक्तिकरण और नशामुक्ति जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई है। बच्चों के मनोरंजन के लिए भी खास थीम पर झांकियां तैयार की जा रही हैं।
103 साल पुरानी परंपरा
इंदौर की अनंत चतुर्दशी की पहचान केवल झांकियों तक सीमित नहीं है। यह शहर की पुरानी परंपराओं, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा आयोजन है। जुलूस से पहले ही मिल परिसरों में झांकियां देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगती है।
इन रास्तों से निकाली जाएगी झाकियां
परंपरा के अनुसार सबसे पहले श्री खजराना गणेश मंदिर की झांकी रवाना होगी। इसके पश्चात श्री शास्त्री कॉर्नर नवयुवक मंडल, इंदौर विकास प्राधिकरण, इंदौर नगर निगम, होप टेक्सटाइल (भंडारी मिल), कल्याण मिल, मालवा मिल, हुकुमचंद मिल, स्वदेशी मिल, राजकुमार मिल और स्पूतनिक ट्यूटोरियल एकेडमी की झांकियां क्रमानुसार मार्ग पर आगे बढ़ेंगी।