होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर दिवाली से पहले बड़ा फैसला, संसद सत्र की तैयारी

महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर दिवाली से पहले बड़ा फैसला, संसद सत्र की तैयारी

महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों को संसद में पेश करने को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है, लेकिन फिलहाल संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की संभावना स्पष्ट नहीं दिख रही है। चर्चा है कि यदि केंद्र सरकार इन विधेयकों को जल्द संसद में लाना चाहती है, तो मानसून सत्र के अगले चरण में इन्हें पेश किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सरकार की रणनीति को लेकर मिल रही जानकारी के मुताबिक, विधेयकों पर आगे बढ़ने से पहले संसद में दो-तिहाई बहुमत के जरूरी आंकड़े के साथ पर्याप्त अतिरिक्त समर्थन जुटाने पर जोर दिया जा रहा है।

विशेष सत्र की जगह मानसून सत्र के अगले चरण पर नजर

महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के बीच संसद के विशेष सत्र की संभावना फिलहाल कमजोर नजर आ रही है। ऐसे में यह विकल्प सामने है कि सरकार मानसून सत्र के अगले चरण का इस्तेमाल कर सकती है।

खास बात यह है कि मानसून सत्र को अब तक राष्ट्रपति की ओर से औपचारिक रूप से स्थगित नहीं किया गया है। इसी आधार पर संसद की बैठक दोबारा बुलाए जाने की संभावना को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन विधेयकों को कब और किस सत्र में पेश किया जाएगा।

दो-तिहाई बहुमत जुटाना सरकार के लिए अहम

महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित विधेयकों को लेकर सरकार की रणनीति में संसद के भीतर पर्याप्त समर्थन जुटाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरकार तभी आगे बढ़ना चाहती है, जब उसे जरूरी दो-तिहाई बहुमत के साथ अतिरिक्त सांसदों का समर्थन मिलने का भरोसा हो।

ऐसे में विधेयकों को पेश करने की तारीख तय करने से पहले राजनीतिक दलों के बीच समर्थन और सहमति का गणित अहम हो सकता है। संसद में आवश्यक समर्थन सुनिश्चित होने के बाद ही सरकार आगे की रणनीति पर फैसला ले सकती है।

क्या दिवाली से पहले बुलाया जा सकता है संसद का सत्र?

संसद का शीतकालीन सत्र नवंबर के आखिरी सप्ताह में शुरू होने की संभावना के बीच एक और विकल्प पर चर्चा हो रही है। सवाल है कि क्या सरकार दिवाली से पहले दो से तीन दिनों के लिए संसद की बैठक बुला सकती है?

चर्चा के मुताबिक, ऐसी बैठक मानसून सत्र के अगले चरण के रूप में आयोजित की जा सकती है। इस दौरान महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों को संसद में पेश करने तथा पारित कराने की कोशिश हो सकती है। हालांकि, यह अभी केवल संभावित रणनीति है और इसे लेकर कोई आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है।

विधेयकों पर फैसले के लिए करना होगा इंतजार

महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे संसद में महत्वपूर्ण राजनीतिक और संवैधानिक विषय हैं। इनसे जुड़े विधेयकों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार को न केवल संसदीय प्रक्रिया पूरी करनी होगी, बल्कि आवश्यक समर्थन भी सुनिश्चित करना होगा।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार इन विधेयकों को मानसून सत्र के अगले चरण में लाती है या फिर शीतकालीन सत्र तक इंतजार करती है। संसद की अगली बैठक और विधेयकों को पेश करने की तारीख को लेकर स्थिति आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।


संबंधित समाचार