धमतरी जिले के आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को सड़कों पर दिखाई दिया। जिले के करीब 52 गांवों से बड़ी संख्या में आदिवासी ग्रामीण सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं की मांग को लेकर धमतरी पहुंचे। ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट घेराव का ऐलान किया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
वर्षों से समस्याओं से जूझ रहे ग्रामीण
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन और प्रशासन के समक्ष गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। कई गांव आज भी सड़क, स्वच्छ पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी बुनियादी जरूरतों से वंचित हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
धमतरी पहुंचकर निकाला पैदल मार्च
जानकारी के मुताबिक विभिन्न गांवों से ग्रामीण वाहनों के माध्यम से धमतरी पहुंचे। इसके बाद वे शोभाराम देवांगन चौक के पास एकत्र हुए और वहां से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर और तख्तियां थीं, जिनके माध्यम से वे अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई नोकझोंक
कलेक्ट्रेट घेराव की घोषणा को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पहले से अलर्ट मोड पर थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बनरौद क्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई थी। जब ग्रामीण आगे बढ़ने लगे तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस की स्थिति बन गई। हालात तनावपूर्ण होते देख भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए। इस दौरान आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की भी जानकारी सामने आई है।
समस्याओं के समाधान की मांग पर अड़े ग्रामीण
आंदोलन में शामिल ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर विकास कार्य दिखाई देने चाहिए। उन्होंने कलेक्टर से सीधे मुलाकात कर अपनी मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। वहीं प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों से चर्चा कर स्थिति को सामान्य बनाने में जुटे रहे।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा और उग्र
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि आदिवासी अंचलों के विकास और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के लिए वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।