होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

हरिभूमि-INH का जिला संवाद : डिप्टी सीएम शर्मा बोले- बालोद के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध, उद्योग और कृषि क्षेत्र में होंगे काम

हरिभूमि-INH का जिला संवाद : डिप्टी सीएम शर्मा बोले- बालोद के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध, उद्योग और कृषि क्षेत्र में होंगे काम

छत्तीसगढ़ में साय सरकार के ढाई साल पूरे होने पर बालोद में हरिभूमि-आईएनएच द्वारा आयोजित जिला संवाद में प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बालोद जिले के विकास, कृषि, उद्योग और किसानों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बालोद के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में भी कार्य किए जाएंगे। उन्होंने हरिभूमि आईएनएच के प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी के सवालों के जवाब दिए।

सवाल - बालोद के प्रभारी मंत्री हैं लेकिन बस्तर इतना भा गया, कैसे?

जवाब - सही मायने में मैं बस्तर का प्रभारी और बालोद का आभारी हूं। बस्तर जाना जरूरी है क्योंकि बस्तर की जरूरतें ही वैसी हैं। प्रभारी मंत्री को दो दिन महीने में एक बार आना या प्रशासनिक बैठकें कर लेना होता है लेकिन बालोद के लिए मैं हमेशा उपलब्ध हूं।

सवाल - विधानसभा चुनावों में बालोद में हार की हैट्रिक? बालोद की पहेली क्या है ?

जवाब - नई सरकार में जनता के मन में हमारे प्रति विश्वास बढ़ा है और मुझे भरोसा है बदलाव जरूर आएगा। विकास के मामले में राज्य सरकार ने बिना किसी भेदभाव के समान रूप से योगदान दिया है और सरकार के इन कार्यों पर जनता अपना आर्शीवाद जरूर देगी।

सवाल - बालोद में राजनीतिक दल के रूप में अपने दल की चुनौती कैसे देखते हैं ?

जवाब – जो कमियां है उन्हें खोज लिया गया है। निःसंदेह बालोद में परिवर्तन होगा।

सवाल - दल्लीराजहरा उजड़ रहा है, यहां का विकास रुका हुआ है ?

जवाब - डॉ रमन सिंह के बाद भूपेश सरकार को बालोद क्षेत्र का समर्थन रहा लेकिन यहां काम नहीं कए। यहां के विधायकों को इस दिशा में सोचना चाहिए। जितनी संजीदगी में आप गली गली घूमकर हाथ जोड़कर वोट मांगते हैं उसी भाव से जनता के लिए काम भी कीजिए। बालोद के विकास के लिए मै हमेशा मौजूद हूं।

सवाल - बालोद कृषि संपन्न क्षेत्र है, यहां एग्रीकल्चर कॉलेज की कोई संभावना ?

जवाब:- डॉ रमन सिंह के समय बहुत से एग्रीकल्चर कॉलेज खुले लेकिन पिछली सरकार के कार्यकाल में क्यों नहीं खुले इस पर सोचना चाहिए। जनप्रतिनिधि इस संबंध में प्रस्ताव लाते हैं तो इस पर हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

सवाल- बस्तर में आगे की परिस्थिति कैसे देखते है?

जवाब - निश्चित तौर पर बस्तर में पहले जो " परिस्थिति थी अब वह नहीं है। नक्सली कैडर समाप्त हुआ है और हमको वहां समावेशी विकास करना है। बस्तर को बंबई नहीं बनाना है।

सवाल- बालोद में उद्योग लगाने सबसे बड़ी चुनौती ग्राम पंचायतों की तरफ से आती है। इसे कैसे देखते है?

जवाब :- यहां उद्योगों का विकास जरूरी है, लेकिन हमे सबसे पहले पंचायतों को सुनना होगा और आम जनता की बातों को समझना होगा। वैसे, बालोद में इंडस्ट्रीयल एरिया विकसित करने का कार्य हो रहा है। इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी होना है।

सवाल - इस सरकार में तीन साल की सबसे ज्यादा संतुष्टि देने वाली कौन सी उपलब्धियां है?

जवाब :- निश्चित तौर पर नक्सलवाद का खात्मा सबसे बड़े संतोष की बात है। मैंने पहले ही कहा था कि 31 मार्च 2026 के बाद वह सुबह आएगी जब हम इन्द्रावती नदी के किनारे चाय पीएंगे और वह दिन आ भी गया। जब संयोग से इन्द्रावती नदी के किनारे उस सुबह मैंने डॉ हिमांशु द्विवेदी के साथ चाय पी।

12 लाख परिवारों के आवास का लक्ष्य पूरा
फिर दूसरी सबसे बड़ी संतुष्टि प्रधानमंत्री आवास को लेकर है। क्योंकि भूपेश सरकार में इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ और उनके आवास मंत्री के तौर पर टी.एस. सिंहदेव ने अपना विभाग छोड़ दिया था। तब भाजपा ने ही सबसे बड़ा जन आंदोलन किया था इसलिए हमने अपने घोषणा पत्र के अनुसार कैबिनेट की पहली बैठक में पहला प्रस्ताव प्रधानमंत्री आवास का प्रस्तुत किया। आज स्थिति यह है कि तीन साल में 12 लाख आवास का लक्ष्य पूरा हुआ है। आगे 3 लाख 70 हजार आवास की मंजूरी भी मिल गई है।

विपक्ष ने सरकार को घेरा
जिला संवाद में जनप्रतिनिधियों ने बालोद जिले के विकास को लेकर अपनी बाते खुलकर रखी। गुण्डरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि पहले 15 साल छत्तीसगढ़ में तत्कालीन रमन सरकार जो कार्य नहीं कर पाई उसे महज 2 साल में भूपेश सरकार ने कर दिखाया। बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने शक्कर कारखाने के संचालन में आ रही दिक्कतों पर खुलकर बात की। डौण्डीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया ने कृषि महाविद्यालय की जरूरत बताई। वहीं पूर्व विधायक राजेन्द्र राय ने केन्द्र और राज्य सरकार के कार्यों की तारीफ करते हुए रावघाट रेललाइन का कार्य पूरा होने को एक उपलब्धि बताया। सभी जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर सहमति बताई कि राजनीति से उपर उठकर विकास के मामले में सभी एक है।


संबंधित समाचार