हेमंत गोस्वामी, निवाड़ी: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की 12वीं वर्षगांठ एवं फ्रांस के पारंपरिक संगीत दिवस फेट दे ला म्यूज़िक के अवसर पर दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर फ्रांस द्वारा एक भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था के प्रमुख पंडित सुधीर शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में योग, भक्ति, संगीत, आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान शिव के अभिषेक एवं भगवान श्रीकृष्ण की आराधना से हुआ। इसके बाद प्रोफेसर कैथी लाहोटे ने प्रतिभागियों को हठयोग एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। कार्यक्रम में श्री मतंगेश्वर सेवा समिति खजुराहो, आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम शिष्य मुनि प्रणम्य सागर महाराज के अरहम ध्यान योग, ब्रह्माकुमारी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, हरे राम हरे कृष्ण (इस्कॉन), भगवान रजनीश (ओशो) तथा भक्ति योग मीरेपुआ से जुड़े साधकों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। मंत्रोच्चार, भजन एवं कीर्तन ने उपस्थित जनसमूह को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ने का कार्य किया।
कार्यक्रम में श्री मूर्ति एवं उनकी टीम के नेतृत्व में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का सामूहिक गायन विशेष आकर्षण रहा। जब उपस्थित लोगों ने एक स्वर में वंदे मातरम् का गायन किया तो पूरा वातावरण देशभक्ति, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक गौरव से गुंजायमान हो उठा। संस्था के फ्रांस प्रतिनिधि सुरेन्द्र गुप्ता द्वारा आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित शाकाहारी भोजन की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में वेंटनैक के महापौर जैक्स लूकाट एवं उनके सहयोगियों की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
अपने उद्बोधन में पंडित शर्मा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाली एक संपूर्ण जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि आज विश्व को शांति, प्रेम, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की आवश्यकता है, और योग इन सभी का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से योग एवं आयुर्वेद को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यही स्वस्थ, संतुलित और सुखी जीवन का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि योग भारत की अमूल्य धरोहर है, जो सम्पूर्ण मानवता को एक सूत्र में बांधने का कार्य कर रही है।
बता दें कि कि संस्था द्वारा विगत 11 वर्षों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत के बुंदेलखंड क्षेत्र सहित फ्रांस, इटली, बेल्जियम एवं क्यूबा में प्रतिवर्ष योग, आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति और विश्व शांति को समर्पित विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। इन आयोजनों के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों का संदेश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर प्रसारित किया जा रहा है। अंत में संस्था ने श्री क्रिश्चियन, सदानंद एवं पंच सहित सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। योग, संगीत और संस्कृति का यह आयोजन विश्व बंधुत्व, शांति और मानवीय एकता का संदेश देते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।