राजा शर्मा// डोंगरगढ़ : राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव का असर अब गैस आपूर्ति पर भी देखने को मिल रहा है। सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से आम लोगों की रसोई व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी हो रही है।
नवरात्र से पहले बढ़ सकती है मांग
डोंगरगढ़ एक प्रमुख धार्मिक नगरी है, जहां स्थित प्रसिद्ध Maa Bamleshwari Temple में नवरात्र के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान शहर में मेहमानों और श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ जाती है। ऐसे में गैस सिलेंडर की मांग भी कई गुना बढ़ जाती है। नवरात्र का पर्व नजदीक आने के कारण लोग पहले से ही गैस की उपलब्धता को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर भी असर
गैस की कमी का असर केवल घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय से जुड़े लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। होटल संचालकों का कहना है कि नवरात्र के दौरान शहर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से भोजनालयों और होटलों में कामकाज काफी बढ़ जाता है। यदि समय पर गैस की आपूर्ति नहीं हुई तो इससे कारोबार प्रभावित हो सकता है और रोजगार पर भी असर पड़ सकता है।
स्थानीय व्यापारियों को भी चिंता
डोंगरगढ़ के दुकानदारों का कहना है कि नवरात्र के समय शहर में व्यापार बढ़ जाता है। श्रद्धालुओं की आवाजाही से होटल, ढाबे और भोजनालयों की मांग बढ़ती है। लेकिन यदि गैस की कमी बनी रही तो इसका असर पूरे स्थानीय व्यापार पर पड़ सकता है।
गैस एजेंसी ने दी आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद
हालांकि गैस एजेंसी प्रबंधन का कहना है कि आपूर्ति में कुछ देरी जरूर हुई है, लेकिन स्थिति को जल्द सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। एजेंसी का दावा है कि उपभोक्ताओं को जल्द ही नियमित रूप से सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रशासन से पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग
नवरात्र के दौरान लाखों श्रद्धालु डोंगरगढ़ पहुंचते हैं और शहर की व्यवस्था काफी हद तक गैस सिलेंडर की उपलब्धता पर निर्भर रहती है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि नवरात्र से पहले गैस सिलेंडर की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं और शहरवासियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।