सुकमा जिले के छिंदगढ़ ब्लॉक के गंजेनार स्थित 50 सीटर बालिका छात्रावास के बंद होने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। छात्रावास में जीर्णोद्धार का काम चलने के कारण पिछले करीब दो महीनों से संचालन बंद है। छात्राओं के आश्रम में नहीं रहने को लेकर कांग्रेस लगातार प्रशासन के खिलाफ आवाज उठा रही है।
इसी सिलसिले में छिंदगढ़ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गंजेनार स्थित आश्रम से छिंदगढ़ तहसील कार्यालय तक करीब 15 किलोमीटर की पैदल यात्रा की। इसके बाद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर छात्रावास का संचालन जल्द शुरू कराने की मांग की गई।
15 किलोमीटर पैदल चलकर जताया विरोध
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आश्रम बंद होने के विरोध में पैदल मार्च निकाला। करीब 15 किलोमीटर की इस यात्रा के जरिए पार्टी ने प्रशासन का ध्यान छात्रावास की स्थिति और छात्राओं की शिक्षा एवं आवास से जुड़े मुद्दे की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बालिका छात्रावास का लंबे समय तक बंद रहना छात्राओं के हित में नहीं है। उनका आरोप है कि जीर्णोद्धार कार्य के चलते आश्रम का संचालन प्रभावित हुआ है और छात्राओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
अधीक्षिका पर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस ने प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि इस पूरे मामले में केवल अधीक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि निर्माण कार्य और छात्रावास के संचालन से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने ठेकेदार और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
छात्रावास जल्द शुरू कराने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने प्रशासन से गंजेनार के 50 सीटर बालिका छात्रावास का संचालन जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि छात्राओं के हित को ध्यान में रखते हुए जीर्णोद्धार कार्य और अन्य व्यवस्थाओं को शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि छात्रावास का संचालन जल्द शुरू नहीं किया गया और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी इस मुद्दे को आगे भी उठाएगी।
प्रशासन के सामने रखी गई मांगें
कांग्रेस की प्रमुख मांगों में छात्रावास का तत्काल संचालन शुरू करना, मामले की निष्पक्ष जांच कराना तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार की जवाबदेही तय करना शामिल है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस ज्ञापन पर क्या कार्रवाई करता है और छात्रावास में छात्राओं की वापसी कब तक हो पाती है।