राजेश सोनी,डबरा: मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड अंचल के बीच मानव तस्करी की एक बेहद खौफनाक और हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है। टीकमगढ़ से अगवा की गई 11वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा ने अपनी सूझबूझ और अदम्य साहस के बल पर बदमाशों के चंगुल से खुद को सुरक्षित छुड़ा लिया है। शातिर किडनैपर्स इस मासूम को किसी जगह बेचने की फिराक में थे, लेकिन ग्वालियर के डबरा में छात्रा मौका पाकर भाग निकली।
बहाने से बुलाया और कार में खींच लिया
यह सनसनीखेज वारदात बीती 8 जुलाई की बताई जा रही है। टीकमगढ़ जिले के खरगापुर में रहने वाली 11वीं की छात्रा दोपहर के वक्त घर से कोचिंग जाने के लिए निकली थी। रास्ते में एक अज्ञात कार आकर रुकी। कार सवार बदमाशों ने रास्ता पूछने के बहाने मासूम छात्रा को अपनी तरफ आवाज देकर बुलाया। जैसे ही छात्रा मदद करने के लिए कार के करीब पहुंची, बदमाशों ने उसे जबरदस्ती गाड़ी के अंदर खींच लिया और दरवाजा बंद कर तेजी से रफूचक्कर हो गए।
बेचने की थी साजिश
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अपहरण करने के बाद बदमाशों ने उसे पिछले तीन दिनों से अलग-अलग अज्ञात ठिकानों पर बंधक बनाकर रखा था। इस दौरान आरोपी उसे किसी अन्य गिरोह या खरीदार को मोटी रकम में बेचने की लगातार कोशिश कर रहे थे, लेकिन जब बदमाश कार के जरिए डबरा-झांसी हाईवे से गुजर रहे थे, तभी छात्रा को अपनी जान बचाने का आखिरी मौका दिखाई दिया। गाड़ी की रफ्तार कम होते ही या बदमाशों की नजर चूकते ही छात्रा ने पूरी ताकत लगाई और उनके चंगुल से सीधे सड़क पर कूदकर भाग निकली। वह तब तक दौड़ती रही जब तक बदमाश उसकी नजरों से ओझल नहीं हो गए। इसके बाद राहगीरों से पुलिस थाने का रास्ता पूछते हुए वह सीधे डबरा सिटी थाने जा पहुंची।
पुलिस ने परिजनों को दी सूचना
बदहवास और डरी-सहमी हालत में थाने पहुंची छात्रा की आपबीती सुनते ही डबरा सिटी थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। महिला पुलिसकर्मियों ने पहले बच्ची को ढांढस बंधाया और उसे सुरक्षा दी। पुलिस ने छात्रा द्वारा बताए गए फोन नंबरों के आधार पर टीकमगढ़ में उसके परिजनों को संपर्क कर उसके पूरी तरह सुरक्षित होने की जानकारी दे दी है। टीकमगढ़ (खरगापुर) पुलिस और परिजनों के डबरा पहुंचने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।