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विधायक-नायब तहसीलदार विवाद पर प्रदेशभर में हड़ताल, प्रशासनिक सेवाओं पर पड़ सकता है असर...

विधायक-नायब तहसीलदार विवाद पर प्रदेशभर में हड़ताल, प्रशासनिक सेवाओं पर पड़ सकता है असर...

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में हुए विधायक और नायब तहसीलदार विवाद ने अब पूरे प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ा दी है। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सोमवार से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। इसके तहत अधिकारियों ने कलमबंद, कामबंद और सामूहिक अवकाश का ऐलान किया है।

गिरफ्तारी तक जारी रहेगा आंदोलन

संघ ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई और गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन के पहले दिन प्रदेश के सभी जिलों में संघ के पदाधिकारियों द्वारा जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस आंदोलन में तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट शामिल हैं, जिससे राजस्व और प्रशासनिक कार्यों के प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है।

अधिकारियों में नाराजगी, सुरक्षा की मांग

संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि 27 अप्रैल को अंबिकापुर में हुए विवाद के बाद भी अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इसे लेकर अधिकारियों में गहरा असंतोष है। संघ ने विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी और प्रदेशभर के प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

कई कर्मचारी संगठनों का मिला समर्थन

कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के आंदोलन को विभिन्न कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिल रहा है। संघ का कहना है कि यदि सरकार जल्द कोई निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसके चलते आम नागरिकों को नामांतरण, बंटवारा, राजस्व न्यायालय और अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़े कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

गिरफ्तारी को लेकर पहले भी हुआ था हंगामा

गौरतलब है कि सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के खिलाफ नायब तहसीलदार से कथित मारपीट का मामला दर्ज किया गया था। विधायक ने गिरफ्तारी देने की घोषणा की थी, लेकिन समर्थकों की भीड़ और हंगामे के चलते वह निर्धारित समय पर गिरफ्तारी नहीं दे सके और वापस लौटना पड़ा। बाद में विधायक ने कहा कि वह सरगुजा रेंज के आईजी के समक्ष आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार हैं। मामले में विधायक समेत 10 से 12 लोगों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

विधायक ने समर्थकों से की शांति बनाए रखने की अपील

रामकुमार टोप्पो ने अपने समर्थकों से किसी भी तरह का जमावड़ा या प्रदर्शन नहीं करने की अपील की है। उनका कहना है कि वह कानून का सम्मान करते हैं और स्वयं गिरफ्तारी देने जा रहे हैं। विधायक ने यह भी कहा कि राजस्व अधिकारियों को हड़ताल पर जाने की आवश्यकता नहीं है और मामले की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

राजस्व निरीक्षक संघ भी उतरा मैदान में

इससे पहले राजस्व निरीक्षक संघ भी विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीतापुर थाने पहुंचा था। संघ ने चेतावनी दी थी कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो सामूहिक हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा। अब कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के आंदोलन के बाद यह मुद्दा और अधिक गंभीर हो गया है।

क्या है पूरा विवाद?

जानकारी के अनुसार विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन किसी प्रशासनिक कार्य से नायब तहसीलदार कार्यालय पहुंची थीं। इसी दौरान उनकी अधिकारी से कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और बाद में समर्थकों तथा अधिकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच जारी है, जबकि गिरफ्तारी और कार्रवाई को लेकर प्रदेशभर में प्रशासनिक अधिकारियों का विरोध प्रदर्शन अब तेज होता जा रहा है।


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