देश में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चल रही बहस के बीच चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को लेकर नया अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है। जिन पात्र मतदाताओं के नाम SIR के बाद मौजूदा सूची में नहीं हैं, उन्हें दोबारा शामिल करने के लिए बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
प्री-SIR और मौजूदा सूची का होगा मिलान
आयोग के निर्देश के मुताबिक BLO प्री-SIR मतदाता सूची की तुलना वर्तमान सूची से करेंगे। इस प्रक्रिया में ऐसे पात्र लोगों की पहचान की जाएगी जिनका नाम पहले की सूची में था, लेकिन अब दिखाई नहीं दे रहा है।
इसके साथ ही पहली बार वोट देने वाले युवाओं और अन्य पात्र नागरिकों को भी अभियान में शामिल किया जाएगा। पात्र पाए जाने पर उनके नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए Form-6 भरने में मदद की जाएगी।
एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य
विशेष अभियान के दौरान BLO घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी जुटाएंगे। आयोग ने प्रत्येक BLO को सप्ताह में करीब 20 से 25 मतदाताओं को कवर करने का लक्ष्य दिया है। पूरी प्रक्रिया लगभग एक महीने में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
युवाओं और वंचित वर्गों पर भी नजर
अभियान में पहली बार मतदान के पात्र युवाओं के अलावा ऐसे लोगों तक पहुंचने पर भी जोर रहेगा, जो सामान्य परिस्थितियों में पंजीकरण केंद्र तक आसानी से नहीं पहुंच पाते। इसके लिए बूथ लेवल कैंप और स्थानीय स्तर पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
नाइट शेल्टर, मजदूर बस्तियों, बेघर लोगों और अन्य वंचित समूहों तक पहुंच बनाने की भी व्यवस्था की गई है।
राजनीतिक दलों को भी मिलेगी बूथवार जानकारी
BLO द्वारा तैयार की गई सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा किया जाएगा। अभियान पूरा होने के बाद बूथवार जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया में संबंधित पक्ष सहयोग कर सकें।
आयोग ने दोहराया है कि मतदाता पंजीकरण एक निरंतर प्रक्रिया है। यानी SIR के दौरान नाम शामिल नहीं हो पाने वाले पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत Form-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।