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Sehore Mafia: सीहोर में रेत माफिया बेलगाम! ग्रामीणों ने घेरे अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली 

Sehore Mafia: सीहोर में रेत माफिया बेलगाम! ग्रामीणों ने घेरे अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली 

मुकेश प्रजापति, भैरुंदा: सीहोर जिले की भैरुंदा तहसील अंतर्गत आने वाले ग्रामीण अंचलों में रेत माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें कानून-व्यवस्था या प्रशासनिक कार्रवाई का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। शासन के राजस्व को करोड़ों की चपत लगाते हुए मुख्य मार्गों के बजाय ग्रामीण रास्तों से रेत का अवैध परिवहन धड़ल्ले से जारी है। इस अवैध कारोबार से तंग आकर अब ग्राम रफीगंज-लोदड़ी के ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभालते हुए अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को घेरकर बीच रास्ते में ही रोक दिया, जिसके बाद इलाके में भारी तनाव की स्थिति बन गई।

दुकान में क्रैश हुआ ट्रैक्टर-ट्रॉली

ग्राम लोदड़ी में तेज रफ्तार से दौड़ रहा एक रेत से भरा अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक सड़क से उतरकर एक किराना दुकान के अंदर जा घुसा। घटना के समय दुकान के अंदर एक छोटी बच्ची मौजूद थी, जो चमत्कारिक रूप से इस क्रैश की चपेट में आने से बच गई और कोई जनहानि नहीं हुई। इस खतरनाक वाकये को देख ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने तुरंत ट्रैक्टर-ट्रॉली को बंधक बनाकर स्थानीय पुलिस को सूचना दी।

ग्रामीणों ने खोली पूरी पोल

प्रदर्शन में शामिल ग्राम लोदड़ी निवासी बब्लू यादव ने माफिया और चालकों का पर्दाफाश करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। अधिकांश ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर नंबर प्लेट तक मौजूद नहीं है और इन्हें चलाने वाले अधिकांश नाबालिग है और चालकों पर ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। रेत माफियाओं के पास लोकेशन नेटवर्क है, जिसके जरिए उन्हें फ्लाइंग स्क्वाड या माइनिंग विभाग के आने की पल-पल की जानकारी मिलती रहती है। इसी कारण वे पुलिस से बचने के लिए गांव के संकरे रास्तों को अपनाते है, जिससे आए दिन बच्चे और बुजुर्ग हादसों का शिकार होने से बच रहे हैं।

ट्रैक्टर चालक का कबूलनामा

ग्रामीणों द्वारा घेरे जाने के बाद ट्रैक्टर चालक वीर सिंह ने जो बयान दिया, उसने पूरे माइनिंग एडमिनिस्ट्रेशन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। चालक ने स्वीकार किया कि वाहन में भरी गई रेत की कोई वैध रॉयल्टी नहीं है। वह अपने मालिक के निर्देशों पर बिना किसी कागजात और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के यह वाहन दौड़ा रहा था। गांव का रास्ता सीधा और टोल-नाकों से मुक्त पड़ता है, इसलिए वे इसी शॉर्टकट मार्ग का उपयोग करते हैं।

माइनिंग विभाग पर खड़े सवाल

इस पूरी घटना के बाद सीहोर जिले के खनिज विभाग, क्षेत्रीय परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता पर ग्रामीणों ने सवाल दागे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रेत का परिवहन करना है, तो पूरी रॉयल्टी के साथ मुख्य हाईवे का उपयोग किया जाए। अगर गांव के अंदर इन वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया गया, तो किसी भी दिन होने वाली बड़ी जनहानि के लिए स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार होगा।


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