छत्तीसगढ़ में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा को गिरफ्तार किया है। उन पर पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने उन्हें 27 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता और रिश्वत के आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, भागीरथ वर्मा 2019 से 2023 के बीच मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उन पर आरोप है कि उन्होंने निर्माण कार्यों और टेंडर आवंटन में नियमों की अनदेखी कर अवैध रूप से आर्थिक लाभ लिया। इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कई शहरों में छापेमारी, अहम दस्तावेज बरामद
मामले की जांच के दौरान EOW-ACB ने रायपुर और बिलासपुर में छह स्थानों के साथ-साथ मध्यप्रदेश के उज्जैन में दो ठिकानों पर दबिश दी। छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और कथित रूप से अवैध संपत्ति से जुड़े सबूत मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
आय से अधिक संपत्ति की दिशा में जांच
प्रकरण में अब आय से अधिक संपत्ति के एंगल से भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।