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RTI पर बवाल: जानकारी मांगने पर सरपंच पति का धमकी भरा रवैया, ग्रामीणों ने खोला भ्रष्टाचार का मोर्चा...

RTI पर बवाल: जानकारी मांगने पर सरपंच पति का धमकी भरा रवैया, ग्रामीणों ने खोला भ्रष्टाचार का मोर्चा...

भैरूंदा। सीहोर जिले के जनपद पंचायत भैरूंदा की ग्राम पंचायत झाली में विकास कार्यों की पारदर्शिता को लेकर उठी आवाज अब बड़ा विवाद बन गई है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगने पर सरपंच पति द्वारा ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को बड़ी संख्या में भैरूंदा पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ सुरक्षा की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं।

बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप 

ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बीते कई वर्षों से विकास कार्यों और स्वच्छता अभियान के नाम पर लाखों रुपए की राशि निकाली जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। गांव में न तो पर्याप्त विकास कार्य नजर आते हैं और न ही स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक है। ग्रामीणों के मुताबिक पानी के टैंकर के नाम पर भुगतान किया गया, जबकि पंचायत में टैंकर उपलब्ध ही नहीं है। इसी तरह श्मशान घाट की बाउंड्रीवाल, नाली निर्माण, सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसे कार्य भी अधूरे या नाममात्र के हैं, जबकि कागजों में उन्हें पूर्ण दर्शाया गया है।

सरकारी राशि का सीधे तौर पर दुरुपयोग 

आरोप यह भी है कि हर माह स्वच्छता अभियान के तहत कचरा वाहन के नाम पर हजारों रुपए की राशि निकाली जा रही है, जबकि ग्राम पंचायत में ऐसा कोई वाहन मौजूद नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सीधे तौर पर सरकारी राशि के दुरुपयोग और गबन की ओर इशारा करता है। जब इन अनियमितताओं को लेकर उन्होंने सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जानकारी मांगी, तो निर्धारित समयसीमा बीतने के बावजूद उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत जिला प्रशासन, जनपद पंचायत और सीएम हेल्पलाइन 181 तक की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार

इससे नाराज होकर उन्होंने सामूहिक रूप से आवाज उठाई। मंगलवार को ग्राम पंचायत भवन में आयोजित बैठक के दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, सरपंच पति जयनारायण बरेला अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और सवाल पूछने पर भड़क गए। आरोप है कि उन्होंने ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान कुछ लोगों के साथ धक्का-मुक्की की गई और मोबाइल फोन छीनने का प्रयास भी किया गया। घटना के बाद गांव में भय का माहौल व्याप्त है।

विवाद के दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल 

ग्रामीण अमित धनकर सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी ग्रामीण के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि मौके पर मौजूद चौकीदार ने पुलिस को सूचना देने में सहयोग नहीं किया। इधर, यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव संजय पटेल भी ग्रामीणों के समर्थन में सामने आए। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की जानकारी लेना हर नागरिक का अधिकार है। यदि इस अधिकार का उपयोग करने पर लोगों को धमकाया जाता है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी।

क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी

एसडीएम सुधीर कुशवाह ने बताया कि ग्रामीणों का आवेदन प्राप्त हो चुका है और जनपद पंचायत के सीईओ को जांच के निर्देश दिए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसडीओपी रोशन कुमार जैन ने कहा कि शिकायत के आधार पर थाना प्रभारी को निर्देशित किया जाएगा और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जनपद पंचायत भैरूंदा के सीईओ संजय अग्रवाल ने भी स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत झाली में हुए विकास कार्यों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


 




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