बालाघाट : मध्य प्रदेश के बालाघाट में उस वक़्त हड़कप मच गया जब एक पिता ने अपने दो बच्चों के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी। पिता ने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया। फ़िलहाल इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन मरने से पहले मृतक ने वॉट्सएप पर एक स्टेटस लगाया। जिसमे उसने लिखा कि " नहीं है जिंदा रहने की आरजू, नहीं चाहिए कोई वादा या रिश्ता।' पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मामला कटंगी थाना क्षेत्र के ग्राम जराहमोहगांव की
यह पूरा मामला कटंगी थाना क्षेत्र के ग्राम जराहमोहगांव अंतर्गत लाखीटोला का है। जहां 40 वर्षीय श्याम नागेन्द्र ने अपने दो बच्चों वंश और भूरि के साथ सामूहिक आत्महत्या कर ली। परिजनों को घटना की जानकारी तब हुई जब उन्होंने ने श्याम का वॉट्सएप स्टेटस देखा।
सुबह गांव के पटबर्रा मैदान में स्थित पुराने कुएं में मिले शव
हालांकि स्टेटस देखने के बाद गांव वालों ने उसे ढूंढने का प्रयास किया। लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया। जिसके बाद ग्रामीणों को सुबह तीनो का शव गांव के पटबर्रा मैदान में स्थित पुराने कुएं में मिले।
जांच में जुटी पुलिस
इधर, मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और खाट के सहारे श्याम, वंश और भूरि के शव को कुएं से बाहर निकाले। बताया जा रहा है कि बच्चों के शव पिता के साथ गमछे से बंधे हुए थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है।
एलआईसी अभिकर्ता का काम करता था मृतक
जराहमोहगांव के लाखीटोला निवासी श्याम पिता भागवत नागेन्द्र 40 वर्ष पूर्व में एक निजी कंपनी में कंप्यूटर आपरेटर के रूप में कार्यरत था, उसके बाद एलआईसी अभिकर्ता का काम कर रहा था।