अमित गुप्ता//रायगढ़: जिले में पुलिस ने अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए कबाड़ माफियाओं की कमर तोड़ दी है। सुनियोजित और एक साथ किए गए इस अभियान में जिलेभर में एक साथ छापेमारी कर 17 अवैध कबाड़ कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया है।
24 ठिकानों पर दबिश, करोड़ों की संपत्ति जब्त
पुलिस ने थाना कोतवाली, पूंजीपथरा, पुसौर, चक्रधरनगर, खरसिया सहित कई थाना क्षेत्रों में 24 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 120 टन 331 किलो अवैध कबाड़ बरामद किया गया। इसके अलावा ट्रक, हाईवा, माजदा और पिकअप सहित कुल 14 वाहन भी जब्त किए गए हैं। जब्त की गई कुल संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 90 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को रिमांड पर भेजते हुए मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
राजनांदगांव में शराब तस्करों पर कड़ा एक्शन
वहीं राजनांदगांव जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और विक्रय पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश और प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में पिछले तीन महीनों से अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ सघन कार्रवाई की गई।
214 प्रकरण दर्ज, 1615 लीटर से अधिक शराब जब्त
अभियान के तहत महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से लाई गई निर्मित शराब तथा स्थानीय स्तर पर तैयार की जा रही अवैध हाथ भट्ठी मदिरा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई।
इस दौरान कुल 214 प्रकरण दर्ज किए गए और 1615.48 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की गई। साथ ही अवैध परिवहन में प्रयुक्त 3 वाहनों को भी जब्त किया गया है।सभी मामलों में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1), 34(2), 36, 59(क) एवं 36(सी) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई पूरी की गई है।
होटल-ढाबों की नियमित जांच के निर्देश
जिला प्रशासन ने अवैध मदिरा विक्रय पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से होटल, ढाबों और लाइसेंसी मदिरा दुकानों की नियमित और सघन जांच के निर्देश दिए हैं। प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी ने सभी वृत्त प्रभारियों को स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी अवैध गतिविधि पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए।
अवैध शराब मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य
प्रशासन का यह अभियान न केवल अवैध शराब की सप्लाई चेन को तोड़ने में सफल हो रहा है, बल्कि इससे जुड़ी आपराधिक गतिविधियों और स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है। जिला प्रशासन का लक्ष्य राजनांदगांव को अवैध शराब मुक्त जिला बनाना और कानून का शासन मजबूत करना है।