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राहुल गांधी की फ्लाइट पहली कोशिश में नहीं कर पाई लैंडिंग, पायलट ने कराया Go-Around

राहुल गांधी की फ्लाइट पहली कोशिश में नहीं कर पाई लैंडिंग, पायलट ने कराया Go-Around

लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर दिल्ली से पहुंच रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1717 को लैंडिंग से ठीक पहले गो-अराउंड करना पड़ा। बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इसी विमान में यात्रा कर रहे थे। पहली बार रनवे की तरफ बढ़ते समय विमान का एप्रोच अनस्टेबल रहने के कारण पायलट ने लैंडिंग जारी रखने के बजाय विमान को दोबारा हवा में ले जाने का फैसला किया।

गो-अराउंड के बाद विमान ने कुछ देर बाद दोबारा एयरपोर्ट की ओर एप्रोच लिया। दूसरी कोशिश में AI-1717 की सुरक्षित लैंडिंग हो गई। विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है।

पहली कोशिश में क्यों रोकी गई लैंडिंग?

विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए लैंडिंग से पहले उसका एप्रोच स्थिर होना जरूरी होता है। यदि किसी वजह से विमान सही एलाइनमेंट या निर्धारित एप्रोच स्थिति में नहीं होता, तो पायलट लैंडिंग को आगे बढ़ाने के बजाय गो-अराउंड का फैसला ले सकता है।

AI-1717 के मामले में भी पहली कोशिश के दौरान एप्रोच अनस्टेबल बताया गया। इसके बाद पायलट ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले जाकर नए एप्रोच की तैयारी की।

दूसरी कोशिश में रनवे पर उतरा विमान

गो-अराउंड के बाद एयर इंडिया की फ्लाइट ने दोबारा लखनऊ एयरपोर्ट के रनवे की ओर एप्रोच किया। इस बार विमान की लैंडिंग सुरक्षित तरीके से पूरी हुई।

बताया जा रहा है कि राहुल गांधी भी इसी फ्लाइट से लखनऊ पहुंचे। पहली कोशिश में लैंडिंग नहीं होने के बाद दूसरी कोशिश में विमान के सुरक्षित उतरने से स्थिति सामान्य हो गई।

दिल्ली से दोपहर 2:20 बजे रवाना हुई थी AI-1717

जानकारी के अनुसार एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1717 दिल्ली से दोपहर करीब 2:20 बजे लखनऊ के लिए रवाना हुई थी। फ्लाइट के करीब 3:30 बजे लखनऊ पहुंचने का निर्धारित समय बताया गया था।

लखनऊ पहुंचने के दौरान पहली लैंडिंग कोशिश में विमान का एप्रोच अनस्टेबल होने के बाद गो-अराउंड कराया गया। इसके बाद विमान ने दोबारा एप्रोच लिया और सुरक्षित लैंडिंग की।

Go-Around क्या होता है?

गो-अराउंड विमानन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली एक सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया है। जब पायलट को लगता है कि मौजूदा परिस्थितियों में विमान को सुरक्षित रूप से रनवे पर उतारना उचित नहीं होगा, तो वह लैंडिंग को रोककर विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले जाता है।

इसके बाद पायलट नए एप्रोच के जरिए लैंडिंग की कोशिश करता है। इसलिए किसी विमान का गो-अराउंड होना अपने आप में दुर्घटना या आपात स्थिति का संकेत नहीं माना जाता।

एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में भी सामने आई थी परेशानी

इससे पहले 7 सितंबर को एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX415 से जुड़ी एक अलग घटना सामने आई थी। बोइंग 737 विमान कोच्चि से अबू धाबी जा रहा था। करीब 36,000 फीट की ऊंचाई पर इंजन-1 में ऑयल की मात्रा तेजी से कम होने की जानकारी मिली थी।

स्थिति को देखते हुए पायलटों ने इंजन बंद करने और विमान को वापस कोच्चि ले जाने का निर्णय लिया। विमान को सुरक्षित उतारा गया। इसके बाद यात्रियों को दूसरे विमान के जरिए अबू धाबी भेजे जाने की जानकारी है।

लखनऊ में AI-1717 का गो-अराउंड और एयर इंडिया एक्सप्रेस की IX415 की तकनीकी समस्या दो अलग-अलग घटनाएं हैं।


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