भोपाल : मध्य प्रदेश में शिक्षकों के ऑनलाइन तबादलों की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए आवेदन की नई समय-सारिणी जारी की है, जिसके तहत शिक्षक 19 जून से 23 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, स्थानांतरण नीति में शामिल नई शर्तों और पात्रता नियमों को लेकर प्रदेशभर के शिक्षकों और शिक्षक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
18 जून से शुरू होने वाला था ट्रांसफर
दरअसल, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पहले 18 जून से शुरू होने वाली थी, लेकिन रिक्त पदों की सूची समय पर पोर्टल पर अपडेट नहीं होने के कारण इसे एक दिन के लिए टालना पड़ा। अब विभाग ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन नई नीति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
शिक्षक ऑनलाइन कर सकेंगे आवेदन
नई व्यवस्था के अनुसार केवल वे शिक्षक ही स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे जिनकी ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत या उससे अधिक है। इसके अलावा जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को भी फिलहाल तबादला प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। प्रदेश में लगभग 80 हजार शिक्षक वर्तमान में जनगणना संबंधी कार्यों में लगे हुए हैं, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षक इस प्रक्रिया का लाभ नहीं ले पाएंगे।
जनगणना में लगे शिक्षकों के नहीं होंगे ट्रांसफर
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना ड्यूटी के दौरान किसी भी शिक्षक का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। जिन शिक्षकों के प्रशासनिक तबादला आदेश पहले जारी किए जा चुके हैं, वे भी ड्यूटी अवधि में प्रभावी नहीं माने जाएंगे।
नए शर्तो को लेकर बढ़ी शिक्षकों की परेशानी
शिक्षक संगठनों का कहना है कि स्थानांतरण नीति में कई ऐसी शर्तें शामिल की गई हैं जो व्यावहारिक नहीं हैं। वर्षों से पारिवारिक, स्वास्थ्य और अन्य व्यक्तिगत कारणों से तबादले की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को राहत मिलने की बजाय नई बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। संगठनों ने सरकार से ई-अटेंडेंस, न्यूनतम सेवा अवधि और जनगणना ड्यूटी जैसी शर्तों में व्यावहारिक छूट देने की मांग की है।
सुविधाजनक स्थान पर पदस्थापना को प्राथमिकता
हालांकि, नई नीति में गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिला शिक्षकों को प्राथमिकता देने का प्रावधान रखा गया है। ऐसे मामलों में गृह जिले या सुविधाजनक स्थान पर पदस्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रदेश में करीब 1.75 लाख नियमित शिक्षक कार्यरत हैं
प्रदेश में करीब 1.75 लाख नियमित शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में शिक्षक इस स्थानांतरण प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि सरकार शिक्षकों की आपत्तियों और मांगों पर क्या फैसला लेती है।