भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर छात्रों के महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा से बच रही है, जबकि प्रदेश के लाखों युवा विभिन्न भर्ती और परीक्षा संबंधी समस्याओं से प्रभावित हैं।
व्यापम जैसे हालात बन सकते है
उमंग सिंघार ने कहा कि जब भी छात्र हितों से जुड़े मुद्दे उठाए जाते हैं, तब नियमों का हवाला देकर चर्चा टाल दी जाती है। सदन में विपक्ष ने नीट परीक्षा, व्यापम, आरक्षण, पटवारी भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया। अगर समय रहते इन मामलों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो प्रदेश में फिर से व्यापम जैसे हालात बन सकते है।
सरकार छात्रों का भविष्य बर्बाद करना चाहती है
उमंग सिंघार ने सरकार पर आरोप लगाया कि वो छात्रों का भविष्य बर्बाद करना चाहते है। इसलिए चर्चा से बच रहे है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए तैयार रहते हैं, तो मुख्यमंत्री छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सदन में खुलकर चर्चा क्यों नहीं करना चाहते।
आपत्तिजनक शब्दों की आलोचना
इतना ही नहीं नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से छात्रों से माफी मांगने की भी मांग की। उमंग ने कहा कि छात्रों को कॉकरोच कहना दुर्भाग्यपूर्ण है।