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NEET Paper Leak Protest: 5 सितंबर को दिल्ली में CJP का बड़ा मार्च, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

NEET Paper Leak Protest: 5 सितंबर को दिल्ली में CJP का बड़ा मार्च, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़े कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर एक बार फिर राजधानी दिल्ली में आंदोलन की तैयारी तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा पहले किए गए आश्वासनों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी को लेकर संगठन ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली स्थित पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने की घोषणा की है।

आंदोलन दोबारा शुरू करने का फैसला

CJP की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि छात्रों और युवाओं से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा। संगठन का कहना है कि जुलाई में हुई बातचीत के दौरान सरकार की ओर से कई आश्वासन दिए गए थे, लेकिन अब तक उन पर अमल नहीं हुआ है। इसी वजह से दोबारा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।

पहले आंदोलन के दौरान क्या हुआ था?

संगठन के अनुसार, जून में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन कई सप्ताह तक चला था। बाद में सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद आंदोलन को समाप्त कर दिया गया था। उस समय छात्रों से जुड़े मामलों में कार्रवाई, दर्ज मामलों की समीक्षा और प्रभावित परिवारों के लिए राहत जैसे मुद्दों पर सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया गया था। हालांकि, CJP का दावा है कि इन वादों पर अब तक कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दी है, जिसके कारण संगठन ने फिर से आंदोलन का रास्ता चुना है।

पीड़ित परिवार और छात्र होंगे मार्च का हिस्सा

घोषित कार्यक्रम के अनुसार 5 सितंबर को होने वाले मार्च में उन परिवारों की भी भागीदारी रहेगी, जिन्होंने परीक्षा विवाद से जुड़े तनाव के दौरान अपने परिजनों को खोने का दावा किया है। इसके अलावा, पहले हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्र और युवा भी इस मार्च में हिस्सा लेंगे। संगठन ने देशभर के छात्र संगठनों, अभ्यर्थियों और युवाओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।

पुलिस प्रशासन भी सतर्क

प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। अधिकारियों का कहना है कि मार्च के लिए औपचारिक अनुमति मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा सकती है।


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