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सरकारी स्कूलों की सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्रियों से मांगा जवाब

सरकारी स्कूलों की सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्रियों से मांगा जवाब

नई दिल्ली। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने विभिन्न राज्यों की सरकारों से जवाब मांगा है। पार्टी के संस्थापक एवं संयोजक अभिजीत दिपके ने अलग-अलग राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को पत्र भेजकर स्कूलों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

पार्टी ने अपने पत्र में स्कूलों के बुनियादी ढांचे से लेकर शिक्षकों की उपलब्धता, बजट, डिजिटल शिक्षा और खेल सुविधाओं तक का ब्यौरा मांगा है। साथ ही पिछले पांच वर्षों में किए गए विकास कार्यों और खर्च की गई राशि की जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

पेयजल और शौचालय की व्यवस्था पर मांगी जानकारी

अभिजीत दिपके ने शिक्षा मंत्रियों से पूछा है कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित पेयजल और स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था कितनी स्कूलों में उपलब्ध है। इसके अलावा पर्याप्त क्लासरूम और विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था की स्थिति भी बताने की मांग की गई है। पार्टी का कहना है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है।

पांच साल में कितने स्कूल हुए अपग्रेड?

कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकारों से पिछले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों के नवीनीकरण और मरम्मत का पूरा विवरण मांगा है। पत्र में पूछा गया है कि कितने स्कूलों का नवीनीकरण पूरा किया गया, कितने स्कूलों में आंशिक मरम्मत हुई और वर्तमान में कितने स्कूल ऐसे हैं जिन्हें अभी भी मरम्मत या पूर्ण नवीनीकरण की जरूरत है।

शिक्षकों के रिक्त पदों का मांगा पूरा आंकड़ा

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर भी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। शिक्षा मंत्रियों से स्वीकृत, भरे हुए और खाली शिक्षण पदों की संख्या सार्वजनिक करने की मांग की गई है। पार्टी ने यह भी पूछा है कि शिक्षकों के खाली पदों को भरने के लिए सरकारों की क्या योजना है और इन रिक्तियों का विद्यार्थियों की पढ़ाई पर कितना असर पड़ रहा है।

पांच साल में कितना बजट मिला और कितना खर्च हुआ?

स्कूल शिक्षा पर होने वाले सरकारी खर्च को लेकर भी जानकारी मांगी गई है। पार्टी ने पिछले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों के लिए आवंटित बजट और खर्च की गई राशि का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। इसके साथ ही यह भी पूछा गया है कि स्कूलों के विकास के लिए आवंटित धनराशि किन-किन मदों में खर्च की गई।

कितने नए स्कूलों की जरूरत, सरकार से पूछा सवाल

पत्र में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए भविष्य की जरूरतों पर भी सवाल किया गया है।कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार से पूछा है कि मौजूदा विद्यार्थियों की संख्या और क्षेत्रवार जरूरतों को देखते हुए कितने नए सरकारी स्कूलों की आवश्यकता है।

शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य कराने का भी ब्यौरा

अभिजीत दिपके ने शिक्षकों से पढ़ाई के अलावा कराए जाने वाले गैर-शैक्षणिक कार्यों को लेकर भी जानकारी मांगी है। पत्र में पूछा गया है कि सरकारी शिक्षकों को किन-किन गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों में लगाया जाता है और इन कार्यों के कारण उनके नियमित शिक्षण कार्य पर क्या प्रभाव पड़ता है।

कंप्यूटर और डिजिटल शिक्षा पर भी फोकस

पार्टी ने सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का भी ब्यौरा मांगा है। इसमें कंप्यूटर, डिजिटल लर्निंग और अन्य तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता शामिल है। इसके साथ ही स्कूलों में खेल सुविधाओं, खेल मैदान और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अन्य गतिविधियों की स्थिति की जानकारी भी मांगी गई है।

‘हर बच्चे को मिले सुरक्षित और सम्मानजनक शिक्षा’

अभिजीत दिपके ने कहा कि सरकारी स्कूलों की स्थिति से जुड़े ये सवाल किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर बच्चे को स्कूल में सुरक्षित वातावरण, जरूरी सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। उन्होंने संबंधित सरकारों से कमियों को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है। पार्टी ने शिक्षा मंत्रियों से पत्र में उठाए गए सभी सवालों पर तथ्यात्मक और सार्वजनिक जानकारी देने की मांग की है।


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