होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

राम रहीम को फिर 21 दिन की फरलो, 2017 के बाद 17वीं अस्थायी रिहाई

राम रहीम को फिर 21 दिन की फरलो, 2017 के बाद 17वीं अस्थायी रिहाई

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गए हैं। दो महिला शिष्यों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा काट रहे राम रहीम को 21 दिन की फरलो मिली है। मंगलवार सुबह वह रोहतक की सुनारिया हाई-सिक्योरिटी जेल से बाहर निकले। फरलो की अवधि के दौरान वह सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में रहेंगे।

राम रहीम को मिली यह रिहाई मई 2026 में मिली 30 दिन की पैरोल पूरी करने के बाद जेल लौटने के करीब दो महीने के भीतर हुई है। इस साल यह उनकी तीसरी अस्थायी रिहाई है। इससे पहले जनवरी में उन्हें 40 दिन की पैरोल और मई में 30 दिन की पैरोल दी गई थी।

दुष्कर्म मामले में मिली है 20 साल की सजा

अगस्त 2017 में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने गुरमीत राम रहीम को अपनी दो महिला अनुयायियों से दुष्कर्म का दोषी ठहराया था। अदालत ने उन्हें दोनों मामलों में कुल 20 साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद हैं। राम रहीम की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि के बाद पंचकूला और सिरसा समेत कई जगहों पर उनके समर्थकों ने हिंसा और आगजनी की थी। इस दौरान हुई हिंसा में 40 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।

हत्या के मामलों में भी हुई थी सजा

दुष्कर्म के अलावा राम रहीम को अलग-अलग हत्या के मामलों में भी दोषी ठहराया गया था। हालांकि, बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 2002 में डेरा के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड से जुड़े मामलों में उन्हें बरी कर दिया।

2017 के बाद 17वीं बार जेल से बाहर

राम रहीम की मौजूदा 21 दिन की फरलो 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी 17वीं अस्थायी रिहाई है। पिछले कुछ वर्षों में उन्हें कई बार पैरोल और फरलो मिल चुकी है। इन अस्थायी रिहाइयों की अवधि अलग-अलग रही है और कुछ मामलों में यह कुछ दिनों से लेकर कई सप्ताह तक रही। 2025 में भी राम रहीम को अलग-अलग मौकों पर पैरोल और फरलो मिली थी। वहीं 2026 में जनवरी में 40 दिन की पैरोल और मई में 30 दिन की पैरोल के बाद अब उन्हें 21 दिन की फरलो दी गई है।

पैरोल और फरलो को लेकर उठते रहे हैं सवाल

राम रहीम को बार-बार मिलने वाली अस्थायी रिहाई लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का मुद्दा रही है। कई बार उनकी पैरोल या फरलो का समय चुनावों के आसपास होने को लेकर भी सवाल उठे हैं। जनवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले मिली पैरोल और अक्टूबर 2024 में हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले मिली अस्थायी रिहाई को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों ने सवाल उठाए थे। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) समेत कई सिख संगठनों ने भी राम रहीम को बार-बार पैरोल और फरलो दिए जाने पर आपत्ति जताई है। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों में डेरा सच्चा सौदा का प्रभाव माना जाता है।


संबंधित समाचार